भाजपा का डोर टू डोर अभियान में फोटो खिचवाते बीजेन्द्र जैमिनी
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बीजेन्द्र जैमिनी के साथ भाजपा के अशोक चौहान, वकील सुनीता कश्यप व पानीपत ग्रामीण के भाजपा के उम्मीदवार श्री महीपाल ढाड़ा ( वर्तमान विधायक ) की पत्नी व बहन भी फोटो में शामिल
अब तक का सबसे बड़ा ई- लघुकथा संकलन , आपके सामने है । जो एक सौ एक (101) लघुकथाकारों की ग्यारह सौ ग्यारह (1111) लघुकथाओं का ई - संकलन तैयार हुआ है । यह भारतीय लघुकथा विकास मंच की " एक लेखक की ग्यारह लघुकथाएं श्रृंखला " के अन्तर्गत सम्पादन किया गया है । जिसमें , इस संकलन के अतिरिक्त " ई - लघुकथा संकलन " इस प्रकार है : - महाराष्ट्र के प्रमुख हिन्दी लघुकथाकार मुम्बई की प्रमुख हिन्दी महिला लघुकथाकार मध्यप्रदेश के प्रमुख लघुकथाकार हिन्दी की प्रमुख महिला लघुकथाकार हरियाणा के प्रमुख लघुकथाकार दिल्ली के प्रमुख लघुकथाकार भोपाल के प्रमुख लघुकथाकार राजस्थान के प्रमुख लघुकथाकार उत्तर प्रदेश के प्रमुख लघुकथाकार झारखंड के प्रमुख लघुकथाकार ...
वर्तमान में सबसे अधिक लघुकथा पढ़ीं जा रही है । यहीं सबसे बड़ी उपलब्धि है । लघुकथा पर विभिन्न कार्य हो रहें हैं । सभी की अपनी सफलता है । अभी हाल में भारतीय लघुकथा विकास मंच के माध्यम से श्रृंखला शुरू की है । जिसमें मध्यप्रदेश के प्रमुख लघुकथाकार ( ई लघुकथा संकलन ) , हरियाणा के प्रमुख लघुकथाकार ( ई लघुकथा संकलन ) , मुम्बई की प्रमुख हिन्दी महिला लघुकथाकार ( ई लघुकथा संकलन ) की सफलता के बाद " हिन्दी की प्रमुख महिला लघुकथाकार " (ई लघुकथा संकलन ) तैयार किया है । जिसमें इक्कीस लघुकथाकारों की , प्रत्येक की ग्यारह लघुकथाएं दी गई है । इस प्रकार से इक्कीस परिचय के साथ 231 लघुकथाएं हैं । जो बारह राज्यों की हिन्दी की इक्कीस महिला लघुकथाकार हैं । जो अब तक के मेरे सम्पादन में सबसे बड़ा लघुकथा संकलन है । लघुकथा अपने आपमें सम्पूर्ण साहित्य है । जो पाठक से लेकर शोंध कार्य में सफलता अर्जित कर रहा है । फिर भी कुछ लोगों ने लघुकथा में कुछ मापदंड बना रखें है । वहीं लोग इन मापदंड का पालने नहीं करते हैं । फिर वे मापदंड किसके लिए बनतें हैं ? फिर भी इस ई- लघुकथा संकलन में सभी ...
सम्पादकीय लघुकथा साहित्य में पहला कदम ************************** लघुकथा साहित्य में दिनों दिन विकास हो रहा है परन्तु हम कहीं ना कहीं कुछ भूलतें जा रहेंं हैं । जीवन की प्रथम लघुकथा । कहतें हैं कि लघुकथा कुछ नहीं है । मैं कहता हूँ कि हिन्दी साहित्य में सबसे अधिक पाठक लघुकथा साहित्य के ही हैं और लेखक भी लघुकथा साहित्य के ही हैं । जब इतना सब कुछ है फिर हम पीछे क्यों है ? वास्तविकता ये है कि लघुकथा साहित्य हर तरह से परिपूर्ण है । आवश्यकता है सिर्फ अलग अलग ढंग से कार्य करने की है । इसको ध्यान में रखकर यह कार्य किया जा रहा है । उद्देश्य एकदम स्पष्ट है । फिर भी कोई भटकता है वह उस की सोच है। मेरा उद्देश्य लीकं से हट कर कार्य करने की है । यह कार्य शोध के लिए भी है । इस कार्य के लिए सभी के सहयोग की आवश्यकता है । उम्मीद भी सही साबित हो रही है। सभी का सहयोग मिल भी रहा है । सम्पादक बीजेन्द्र जैमिनी --------------------------------------------...
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