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Showing posts from March, 2026

फिल्मी सिंगर अलका याग्निक की हालत बिगड़ी

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जनगणना दो चरण में होंगी

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कमला दास स्मृति में चर्चा परिचर्चा

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          सपना जरूर देखना चाहिए । जिस से कर्म का रास्ता दिखाईं देता है। रास्ते की पहचान से कामयाबी हासिल होती है। बाकी कर्म का खेल है। जो भविष्य का भाग्य कहलाता है। इसलिए सपना देखने से ही कर्म की प्ररेणा मिलती है। यही कुछ जैमिनी अकादमी की चर्चा परिचर्चा का प्रमुख विषय है। अब आयें विचारों में से कुछ विचार पेश करते हैं :-        सपने वो नहीं जो हम सोते हुए देखते हैं असल में सपने वो होते हैं जो हमें सोने नहीं देते,   कहने का मतलब सपने देखना अच्छी बात है लेकिन उनको पूरा करना सबसे बेहतरीन बात है क्योंकि मेहनती लोग सपने देखते ही नहीं है लेकिन उनको पूरा करके दिखाते हैं  तो आईये आज  इसी बात पर चर्चा करते हैं कि  सपना देखने से मिलता है  मार्ग , कर्म करने से मिलती है कामयाबी, मेरे ख्याल में  सपने देखना जीवन को दिशा और प्रेरणा देता है जबकि कड़ी मेहनत  व कर्म उस सपने को हकीकत में बदलकर सफलता लाती है, बिना कर्म के सपने सिर्फ कल्पना बन कर रह जाते हैं और यह भी सत्य है कि बिना सपने से कर्म दिशाहीन होते ह...

डॉलर की तुलना में रुपये ने बनाया ऑल टाइम लो का नया रिकॉर्ड

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एमएलसी पद से इस्तीफा दिया

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एक अप्रैल से टोल दरें मंहगी

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बालेन शाह ने बदला : नेपाल का एजुकेशन सिस्टम

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पद्मश्री से सम्मानित को भी न्याय नहीं

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शरदिंदु बंदोपाध्याय स्मृति में चर्चा परिचर्चा

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        परिवर्तन तो प्राकृतिक का नियम है। परिस्थितियों के अनुसार ‌परिवर्तन होता है। जो कर्म से लेकर जीवन को प्रभावित करता है। ऐसे में कर्म की अहमियत बढ़ जाती है। यही कुछ जैमिनी अकादमी की चर्चा परिचर्चा का प्रमुख विषय है। अब आयें विचारों में से कुछ विचार पेश करते हैं :-              परिवर्तन ही जीवन का मूल स्वभाव है। जहाँ परिवर्तन होता है, वहीं से कर्म की शुरुआत होती है। स्थिरता जड़ता को जन्म देती है, जबकि परिवर्तन मनुष्य को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है। कर्म ही जीवन का आधार है। बिना कर्म के जीवन निरर्थक हो जाता है। हमारे हर छोटे-बड़े कार्य ही हमारे जीवन की दिशा तय करते हैं। इसलिए आवश्यक है कि हम परिवर्तन को स्वीकार करें और उसे सकारात्मक कर्मों में बदलें, क्योंकि कर्म ही जीवन को सार्थक बनाता है। - डॉ. अर्चना दुबे 'रीत' मुंबई - महाराष्ट्र        परिवर्तन प्रकृति का शाश्वत नियम है। जहाँ परिवर्तन नहीं, वहाँ जड़ता है; और जहाँ जड़ता है, वहाँ जीवन का कोई वास्तविक अस्तित्व नहीं। परिवर्...