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अभिनेता राजपाल यादव की दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा याचिका खारिज
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पंडित भीमसेन जोशी स्मृति सम्मान - 2026
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विश्वास बहुत बड़ा होता है इसलिए विश्वास नहीं तोड़ना चाहिए। विश्वास तोड़ना सब से बड़ा पाप माना जाता है। विश्वास सभी पर नहीं होता है। जो विश्वास के पात्र होता है।उसी पर विश्वास किया जाता है। यही कुछ जैमिनी अकादमी की चर्चा परिचर्चा का प्रमुख विषय है। अब आयें विचारों में से कुछ विचार पेश करते हैं :- विश्वास अर्थात भरोसा एक मानसिक अवस्था है जहाँ हम किसी विशेष प्रमाण के बिना भी किसी बात को सत्य मान लेते हैं ।विश्वास हर किसी पर होता भी नहीं है। विश्वास चाहे स्वयं पर हो या किसी अन्य पर, विश्वास करना वास्तव में सबसे बड़ी कला है क्योंकि यह मनुष्य को मानसिक मजबूती और सकारात्मकता बनाए रखने की क्षमता देता है।यदि हम आत्मविवश्वासी हैं तो मुश्किलों से निकलने का हुनर भी हमारे पास होता है। समस्या का समाधान खोजने की हिम्मत हमारे भीतर अवश्य होती है। विश्वास एक गुण भी है जो मनुष्य को तनाव की स्थिति से बाहर निकालता है। जीवन के अनुभवों से सीख लेने का भाव मन में पैदा करता है। लेकिन हमें यह भी नहीं भूलना चाहिए कि विश्वास चाहे कितना भी पक्का हो ...