साहित्य प्राचीन काल से लिखा जा रहा है। विशेष रूप से धार्मिक साहित्य। शायद धार्मिक साहित्य ही सब से अधिक प्राचीन है । जो समाज का प्रतिनिधित्व करता है। इस प्रकार मीडिया की भूमिका भी समाज की प्रतिनिधित्व करता है। महाभारत में संजय ही मीडिया भूमिका में नज़र आते हैं। साहित्य और मीडिया एक नदी के दो किनारे है। एक होते हुए भी अलग - अलग-अलग भूमिका निभाते हैं। यही कुछ जैमिनी अकादमी की चर्चा परिचर्चा का प्रमुख विषय है। अब आयें विचारों में से कुछ विचार पेश करते हैं :- मीडिया समाज का ऑंखें हैं और साहित्य समाज का दर्पण। मोबाइल क्रांति के बाद दर्पण तो कहीं बहुत पीछे छूट गया, मीडिया और उसमें भी कथित सोशल मीडिया बहुत सक्रिय हुआ। हर वह व्यक्ति मीडिया जगत में सक्रिय हो गया है जिसके पास एंड्रायड फोन है। फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब आदि पर सबके अपने अपने चैनल और एकाउंट बने हुए हैं।हर छोटी-बड़ी घटना, दुर्घटना, उपलब्धि, नवाचार और विचार प्रतिक्रिया सोशल मीडिया पर आ जाती है। हर चैनल,एकाउंट की अपनी अपनी विषयवस्तु है उसी तरह की सामग्...