नसीब यानि भाग्य से वह परिवार मिलता है। जो सिर्फ - सिर्फ आपके लिए होता है। उस परिवार को चलाने के लिए मौन रहना आवश्यक होता है। तभी परिवार चल पाता है। परिवार की अपनी समस्या होती है। उन का समाधान करने के लिए अपनी -अपनी क्षमता होती है। यही कुछ जैमिनी अकादमी की चर्चा परिचर्चा का प्रमुख विषय है। अब आयें विचारों में से कुछ विचार पेश करते हैं :- नसीब से परिवार मिलता है ... जिनका परिवार नहीं होता , या जिनकी परवर मैं किसी भी निजी कारण से , परवर के सदस्य एकसाथ नहीं रहते , उनसे जाकर पूछो परिवार का महत्व ! किस्मत वाले हैं वो व्यक्ति , जो अच्छे परिवार मैं रहते हैं , व पतवार मैं सामंजस्य भी बना होता है !! निजी स्वार्थों के कारण लोग परिवार त्याग तो देते हैं , पर एक ऐसा मुकाम आता है , जब वे परिवार के लिए तरसते हैं , अपनों के लिए तरसते हैं !! खुशियों की खोज मैं परिवार छोड़ रो देते हैं , पर जब खुशियां मिलती हैं , टो खुशी बांटनेवाला कोई नहीं होता !! परिवार मैं साथ भी होता है , और मतभेद भी! विवाद से , बहस से, तू तू म...