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रिश्वत लेते एस एच ओ गिरफ्तार

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पदुमलाल पुन्नालाल बख़्शी की स्मृति में चर्चा परिचर्चा

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            जो बीत गया। उसे भूलना ही अच्छा समझना चाहिए। तभी ‌आप आगे बढ़ सकतें हैं। यह व्यवस्था सभी को स्वीकार करनी चाहिए। आने वाले कल का स्वागत हमेशा होना चाहिए। तभी भविष्य उज्जवल होता है। यह नियम ही सकारात्मकता की ओर ले जाता है। यही कुछ जैमिनी अकादमी की चर्चा परिचर्चा का प्रमुख विषय है। अब आयें विचारों में से कुछ विचार पेश करते हैं :-      बीता हुआ कल इतिहास बन जाता है जिसे बदला नहीं जा सकता,याद करने पर केवल दुःख और पीड़ा ही मिलती है जिससे हमारा आज भी ख़राब हो जाता है मानसिक शान्ति में खलल पड़ता है व्यक्ति केवल पिछली बीती बातों में उलझा, धिरा रहता है। यदि हमारा बीता समय गलतियों से भरा हुआ हो तो पछतावे के स्थान पर उनमें सुधार की प्रवृत्ति को अपनाना श्रेयकर रहता है, बीता कल किताब के पन्ने में अंकित अध्याय का रूप ही है जिसे बंद कर के सदैव भविष्य दृष्टा बनना जरूरी है और नवल अध्याय की शुरुआत के लिए नवल पन्ने का चयन आवश्यक है और आने वाला कल हमारा भविष्य है जिसका स्वागत उत्साहपूर्वक करना चाहिए क्योंकि हमारा आने वाला कल अपने साथ ...

इबोला वायरस को लेकर भारत अलर्ट

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राम गणेश गडकरी स्मृति में चर्चा परिचर्चा

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      दोस्तों ! आप ने कभी सोचा है कि मैं कौन हूं ? शायद आज से पहले कभी नहीं सोचा है। सिर्फ कर्म का खेल है। जो जन्म दर जन्म चलता रहता है यही कुछ जैमिनी अकादमी की चर्चा परिचर्चा का प्रमुख विषय है। अब आयें विचारों में से कुछ विचार पेश करते हैं :-       यह अटूट सत्य है कि हमारे कर्म ही हमारे विचारों और इरादों का दर्पण होते हैं जिनसे पता चलता है कि हम इस दूनिया में क्या भूमिका निभा रहे हैं जबकि हमारी आत्मा वह शुद्ध चेतना है जो हमारे कर्मों का अनुभव करती है तो आईये आज की चर्चा इसी बात पर करते हैं कि मैं कौन हूँ पूछो अपने कर्म से, मैं आत्मा हूँ पूछो अपने आप से, मेरा मानना है कि किसी भी व्यक्ति द्वारा किए गए कार्य और कर्तव्य व अच्छे कर्म से ही उस व्यक्ति का स्वभाव व चरित्र बनता है इसलिए स्वयं को पहचानने के लिए हमें अपने भीतर झाँकने की जरूरत है जबकि जीवन का सच्चा मार्ग हमारे कर्मों से तय होता है कहने का भाव निस्वार्थ भाव से अपने कर्तव्य का पालन करना ही हमारा सच्चा धर्म है,वास्तविक में हमारे द्वारा किए गए कर्म ही हमारा असली रूप दिखाते हैं यदि हमार...