जो बीत गया। उसे भूलना ही अच्छा समझना चाहिए। तभी आप आगे बढ़ सकतें हैं। यह व्यवस्था सभी को स्वीकार करनी चाहिए। आने वाले कल का स्वागत हमेशा होना चाहिए। तभी भविष्य उज्जवल होता है। यह नियम ही सकारात्मकता की ओर ले जाता है। यही कुछ जैमिनी अकादमी की चर्चा परिचर्चा का प्रमुख विषय है। अब आयें विचारों में से कुछ विचार पेश करते हैं :- बीता हुआ कल इतिहास बन जाता है जिसे बदला नहीं जा सकता,याद करने पर केवल दुःख और पीड़ा ही मिलती है जिससे हमारा आज भी ख़राब हो जाता है मानसिक शान्ति में खलल पड़ता है व्यक्ति केवल पिछली बीती बातों में उलझा, धिरा रहता है। यदि हमारा बीता समय गलतियों से भरा हुआ हो तो पछतावे के स्थान पर उनमें सुधार की प्रवृत्ति को अपनाना श्रेयकर रहता है, बीता कल किताब के पन्ने में अंकित अध्याय का रूप ही है जिसे बंद कर के सदैव भविष्य दृष्टा बनना जरूरी है और नवल अध्याय की शुरुआत के लिए नवल पन्ने का चयन आवश्यक है और आने वाला कल हमारा भविष्य है जिसका स्वागत उत्साहपूर्वक करना चाहिए क्योंकि हमारा आने वाला कल अपने साथ ...