अनुभव बहुत कुछ कहता है। जो शिक्षा प्रणाली से प्राप्त नहीं होता है। वह अनुभव से प्राप्त होता है। अनुभव का ज्ञान सबसे श्रेष्ठ माना गया है। यही कुछ जैमिनी अकादमी की चर्चा परिचर्चा का प्रमुख विषय है। अब आयें विचारों में से कुछ विचार पेश करते हैं :- ज्ञान तो जीवन में पग-पग पर बिखरा हुआ है। प्रकृति हो या मनुष्य, बच्चे हों या वृद्ध..ये सभी ज्ञान के भंडार हैं। इनके पास अनुभवों से संचित ज्ञान की बेहिसाब पूँजी है।बड़े-बुजुर्गों के अनुभवों से ज्ञान प्राप्त करने के लिए उनके साथ बैठना, बातें करना और समय बिताना होता है। वे जीवन की ऐसी जीवंत ज्ञान की पुस्तक होते हैं कि उनके अनुभवों से प्राप्त ज्ञान से हम अपना वर्तमान ही नहीं भविष्य भी बना सकते हैं। पुराने और नये ज्ञान का जब संगम होता है तो स्वर्णिम भविष्य का निर्माण होता है।ज्ञान पुस्तकों से भी प्राप्त होता है पर जब वह ज्ञान अनुभव की भट्ठी से तप कर निकलता है तभी वह व्यक्ति को निखार पाता है।अपने अनुभवों से भी ज्ञान लीजिए, प्रकृति के कण-कण से भी ज्ञान लीजिए, अपने बड़े-बुजुर्गों के सिद्ध अनुभवो...