समय बुरा हो सकता है। ऐसा कहा जाता है। परन्तु बुरा तो बुरा होता है। फिर बुरा से बचना चाहिए। इस में समझदारी मानी जाती है। बाकि समय का खेल है। ऐसा कुछ जैमिनी अकादमी की चर्चा परिचर्चा का प्रमुख विषय है। अब आयें विचारों में से कुछ विचार को पेश करते हैं :- कई बार जीवन में ऐसी परिस्थितियाँ आती हैं जब हमें लगता है कि सब कुछ गलत हो रहा है। लोग बदल गए हैं, किस्मत खराब है, या दुनिया ही बुरी है। लेकिन सच यह है कि हर चीज़ स्थायी रूप से बुरी नहीं होती। अक्सर सिर्फ समय खराब होता है। जब समय अनुकूल होता है तो वही लोग अच्छे लगते हैं, वही काम सफल हो जाते हैं और वही परिस्थितियाँ सुखद लगती हैं। लेकिन जब समय प्रतिकूल होता है तो छोटी-सी समस्या भी बड़ी दिखाई देती है।खराब समय हमें धैर्य रखना सिखाता है। वह हमें मजबूत बनाता है, सोचने का नया तरीका देता है और जीवन का अनुभव बढ़ाता है। जैसे रात के बाद सुबह आती है, वैसे ही बुरे समय के बाद अच्छा समय भी आता है। इसलिए किसी व्यक्ति या परिस्थिति को तुरंत बुरा नहीं कहना चाहिए। हो सकता है समय ही ऐसा ...