Posts

राम गणेश गडकरी स्मृति में चर्चा परिचर्चा

Image
      दोस्तों ! आप ने कभी सोचा है कि मैं कौन हूं ? शायद आज से पहले कभी नहीं सोचा है। सिर्फ कर्म का खेल है। जो जन्म दर जन्म चलता रहता है यही कुछ जैमिनी अकादमी की चर्चा परिचर्चा का प्रमुख विषय है। अब आयें विचारों में से कुछ विचार पेश करते हैं :-       यह अटूट सत्य है कि हमारे कर्म ही हमारे विचारों और इरादों का दर्पण होते हैं जिनसे पता चलता है कि हम इस दूनिया में क्या भूमिका निभा रहे हैं जबकि हमारी आत्मा वह शुद्ध चेतना है जो हमारे कर्मों का अनुभव करती है तो आईये आज की चर्चा इसी बात पर करते हैं कि मैं कौन हूँ पूछो अपने कर्म से, मैं आत्मा हूँ पूछो अपने आप से, मेरा मानना है कि किसी भी व्यक्ति द्वारा किए गए कार्य और कर्तव्य व अच्छे कर्म से ही उस व्यक्ति का स्वभाव व चरित्र बनता है इसलिए स्वयं को पहचानने के लिए हमें अपने भीतर झाँकने की जरूरत है जबकि जीवन का सच्चा मार्ग हमारे कर्मों से तय होता है कहने का भाव निस्वार्थ भाव से अपने कर्तव्य का पालन करना ही हमारा सच्चा धर्म है,वास्तविक में हमारे द्वारा किए गए कर्म ही हमारा असली रूप दिखाते हैं यदि हमार...

असम विधानसभा में पेश हुआ यूसीसी विधेयक

Image
https://bijendergemini.blogspot.com/2026/05/2026.html

दिल्ली में QUAD देशों की बैठक

Image
https://bijendergemini.blogspot.com/2026/05/2026_01038976152.html

देश भक्ति गीत व भजन बजेंगे

Image
https://bijendergemini.blogspot.com/2026/05/2026_01038976152.html

पानीपत को मिला नया डीसी

Image
https://bijendergemini.blogspot.com/2026/05/2026_01038976152.html

पद्म भूषण रामकिंकर बैज की स्मृति में चर्चा परिचर्चा

Image
जीवन में बहुत कुछ होता है परन्तु सभी का जीवन एक सा नहीं होता है। यह सब भाग्य का कमाल होता है। भाग्य कर्म से बनता है। कर्म जीवन का आधार है। यही कुछ जैमिनी अकादमी की चर्चा परिचर्चा का प्रमुख विषय है। अब आयें विचारों में से कुछ विचार पेश करते हैं :-        जीवन में कुछ भी अकारण नहीं होता, उद्देश्य कुछ भी हो,गलत कुछ नहीं होता.... यह उक्ति हमें संकेत और अनुभव देती है कि जीवन में जो भी कुछ गलत या सही होता है उसके पीछे कोई ना कोई कारण होता है। आज हम जिस प्रचंड गर्मी में झुलस दुखी हो रहे हैं उसका भी कारण है। हमने पेड़ों को काटकर, अधिक वाहनों का उपयोग कर वातावरण में धुआं ही धुआं भर प्रदूषित कर दिया है, जिसका परिणाम हम आज भुगत रहे हैं। पर्यावरण और प्रदूषण पर जो ध्यान ना दिया गया तो आगे और मुश्किल बढ़ सकती है। इसी तरह केवल उद्देश्य ही नहीं ,उसे पाने का तरीका भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है। उद्देश्य भी समय और परिस्थिति के साथ बदलते हैं सच्ची निष्ठा से कोई राह चुनते हैं चाहे उसे गल्तियों या असफलताओं को भी यदि सीखने के रूप में लेते हैं तो वह सफलता की सीढ़ी बन जा...