समय के आगे कुछ नहीं चलता है। समय से बड़ा कोई नहीं है। समय कभी लोट कर नहीं आता है। फिर आदमी भी कुछ कम नहीं होता है। आदमी के अपने गुण होते है। जो समय - समय पर बोलते रहते हैं। यही कुछ जैमिनी अकादमी की चर्चा परिचर्चा का प्रमुख विषय है । अब आयें विचारों में से कुछ विचार पेश करते हैं:- यह कथन जीवन के गहरे सत्य को सहज शब्दों में व्यक्त करता है। समय निस्संदेह सबसे शक्तिशाली तत्व है; वह न किसी के लिए रुकता है, न किसी के अनुसार बदलता है। वह राजा को रंक और रंक को राजा बना सकता है। इतिहास इसकी असंख्य मिसालों से भरा पड़ा है। किन्तु मनुष्य भी केवल समय का खिलौना नहीं है। उसमें विचार, संकल्प और कर्म की अद्भुत शक्ति है। वह अपनी इच्छाशक्ति और परिश्रम से समय की दिशा तक मोड़ सकता है। विपरीत परिस्थितियों में भी जो व्यक्ति धैर्य और संघर्ष बनाए रखता है, वही समय को अपने पक्ष में कर लेता है। समय अवसर देता है, पर उस अवसर को पहचानना और उसे साधना मनुष्य के हाथ में होता है। यदि समय बीतता है तो मनुष्य अनुभव अर्जित करता है; यदि समय चुनौती देत...