1.छोटी कोठरी " कितना होशियार है मेरा बेटू। इसीलिए तो सबसे नामी स्कूल में पढ़ा रहा हूँ अपने बेटू को, जिससे बड़ा होकर बहुत बड़ा इंजीनियर बने अपने पापा की तरह। " मासिक परीक्षा में अच्छे नंबर आने से विक्रम बहुत खुश थे अपने बेटे अक्षत से। बेटू भी बहुत खुश होकर बोला, "पापा, इंजीनियर बन जाने पर मेरे पास खूब पैसे होंगे!" विक्रम ने हँसते हुए कहा, "और क्या!"अक्षत तुरन्त बोला," बड़ी सी गाड़ी होगी और बहुत बड़ा सा घर होगा। " "बिलकुल होगा मेरे बेटे के पास।" पापा की बात सुनकर अक्षत की ख़ुशी का ठिकाना नहीं था।विक्रम ने आगे कहा, "फिर सुन्दर -सुन्दर सी बहू आयेगी मेरे बेटू की।" अब अक्षत के चेहरे पर हल्की सी शर्म झलकने लगी, लेकिन जिज्ञासा बढ़ती जा रही थी, "फिर, पापा!" "फिर प्यारे -प्यारे दो बेटे होंगे,"यह बात पसन्द नहीं आने पर उसने बात काट दी पापा की, "नहीं, दोनो बेटे नहीं, एक बेटा और एक बेटी।" "अच्छा बाबा, एक बेटा और एक बेटी,"कहकर विक्रम ने अक्षत ...