राजस्थान का इतिहास अपनी पहचान के लिए जाना जाता है । जिसे वीरों की धरती पुकारा जाता है । जिसके कण - कण में राजपूतों की पहचान कायम है । यही पहचान हिन्दुस्तान की शान है । जो लोक साहित्य में देखा जा सकता है । भारतीय लघुकथा विकास मंच द्वारा " एक लेखक की ग्यारह लघुकथा श्रृंखला " के अन्तर्गत " राजस्थान के प्रमुख लघुकथाकार " ई - लघुकथा संकलन का सम्पादन किया है । जिसमें ग्यारह लघुकथाकारों को शामिल किया है । प्रत्येक की ग्यारह लघुकथाओं को स्थान दिया है । इस तरह से एक सौ इक्कीस लघुकथाओं के साथ ग्यारह परिचय शामिल हुये हैं । जो राजस्थान की पहचान से भरपूर हैं । जो अलग संस्कृति के साथ विशेष भाषा शैली के साथ जोडता है । यहीं कुछ राजस्थान की लघुकथाओं में देखने को मिलता है । " एक लेखक की ग्यारह लघुकथा श्रृंखला " के अन्तर्गत , अब तक निम्न ई - लघुकथा संकलन तैयार कर के पेश किये जा चुके हैं : - 1. मध्यप्रदेश के प्रमुख लघुकथाकार 2. हरियाणा के प्रमुख लघुकथाकार 3. हिन्दी की प्रमुख महिला लघुकथाकार 4. मुम्बई...