श्री केसर कमल शर्मा जी के निधन के समाचार से हम हतप्रभ एवं दुःखी है. आर्य स्कूल, पानीपत में पढ़ते हुए वे बेशक हमारे सीनियर थे परन्तु वैचारिक, साँस्कृतिक एवं साहित्यिक गतिविधियों में एक बहुत ही घनिष्ठ मित्र थे. वे एक निहायत ही नेक दिल एवं सरल इंसान थे जिनकी स्मृतियाँ हमेशा जीवंत रहेंगी. हाली पानीपती की शायरी एवं लेखन की परंपरा के संवाहक के रूप मे उन्हें याद रखा जाएगा. उनका सम्पूर्ण जीवन समाज को समर्पित रहा. उनके न रहने से पानीपत को अवश्य एक बड़ी क्षति हुई है. बड़े गौर से सुन रहा था जमाना, तुम्हीं सो गए दास्ताँ कहते कहते. हाली पानीपती ट्रस्ट, माता सीता रानी सेवा संस्था तथा अन्य सभी संगठनों की ओर से विनम्र श्रद्धांजली. शोक संतप्त परिवार को हार्दिक संवेदना. Ram Mohan Rai, Seattle, Washington-USA. ( फेसबुक से साभार )
अब तक का सबसे बड़ा ई- लघुकथा संकलन , आपके सामने है । जो एक सौ एक (101) लघुकथाकारों की ग्यारह सौ ग्यारह (1111) लघुकथाओं का ई - संकलन तैयार हुआ है । यह भारतीय लघुकथा विकास मंच की " एक लेखक की ग्यारह लघुकथाएं श्रृंखला " के अन्तर्गत सम्पादन किया गया है । जिसमें , इस संकलन के अतिरिक्त " ई - लघुकथा संकलन " इस प्रकार है : - महाराष्ट्र के प्रमुख हिन्दी लघुकथाकार मुम्बई की प्रमुख हिन्दी महिला लघुकथाकार मध्यप्रदेश के प्रमुख लघुकथाकार हिन्दी की प्रमुख महिला लघुकथाकार हरियाणा के प्रमुख लघुकथाकार दिल्ली के प्रमुख लघुकथाकार भोपाल के प्रमुख लघुकथाकार राजस्थान के प्रमुख लघुकथाकार उत्तर प्रदेश के प्रमुख लघुकथाकार झारखंड के प्रमुख लघुकथाकार ...
वर्तमान में सबसे अधिक लघुकथा पढ़ीं जा रही है । यहीं सबसे बड़ी उपलब्धि है । लघुकथा पर विभिन्न कार्य हो रहें हैं । सभी की अपनी सफलता है । अभी हाल में भारतीय लघुकथा विकास मंच के माध्यम से श्रृंखला शुरू की है । जिसमें मध्यप्रदेश के प्रमुख लघुकथाकार ( ई लघुकथा संकलन ) , हरियाणा के प्रमुख लघुकथाकार ( ई लघुकथा संकलन ) , मुम्बई की प्रमुख हिन्दी महिला लघुकथाकार ( ई लघुकथा संकलन ) की सफलता के बाद " हिन्दी की प्रमुख महिला लघुकथाकार " (ई लघुकथा संकलन ) तैयार किया है । जिसमें इक्कीस लघुकथाकारों की , प्रत्येक की ग्यारह लघुकथाएं दी गई है । इस प्रकार से इक्कीस परिचय के साथ 231 लघुकथाएं हैं । जो बारह राज्यों की हिन्दी की इक्कीस महिला लघुकथाकार हैं । जो अब तक के मेरे सम्पादन में सबसे बड़ा लघुकथा संकलन है । लघुकथा अपने आपमें सम्पूर्ण साहित्य है । जो पाठक से लेकर शोंध कार्य में सफलता अर्जित कर रहा है । फिर भी कुछ लोगों ने लघुकथा में कुछ मापदंड बना रखें है । वहीं लोग इन मापदंड का पालने नहीं करते हैं । फिर वे मापदंड किसके लिए बनतें हैं ? फिर भी इस ई- लघुकथा संकलन में सभी ...
बेहद दुःखद। विनम्र श्रद्धांजलि।
ReplyDeleteविनम्र श्रद्धांजलि 🙏🙇♀️
ReplyDeleteश्री केसर कमल शर्मा जी के निधन के समाचार से हम हतप्रभ एवं दुःखी है. आर्य स्कूल, पानीपत में पढ़ते हुए वे बेशक हमारे सीनियर थे परन्तु वैचारिक, साँस्कृतिक एवं साहित्यिक गतिविधियों में एक बहुत ही घनिष्ठ मित्र थे. वे एक निहायत ही नेक दिल एवं सरल इंसान थे जिनकी स्मृतियाँ हमेशा जीवंत रहेंगी.
ReplyDeleteहाली पानीपती की शायरी एवं लेखन की परंपरा के संवाहक के रूप मे उन्हें याद रखा जाएगा. उनका सम्पूर्ण जीवन समाज को समर्पित रहा. उनके न रहने से पानीपत को अवश्य एक बड़ी क्षति हुई है.
बड़े गौर से सुन रहा था जमाना,
तुम्हीं सो गए दास्ताँ कहते कहते.
हाली पानीपती ट्रस्ट, माता सीता रानी सेवा संस्था तथा अन्य सभी संगठनों की ओर से विनम्र श्रद्धांजली. शोक संतप्त परिवार को हार्दिक संवेदना.
Ram Mohan Rai,
Seattle, Washington-USA.
( फेसबुक से साभार )
विनम्र श्रद्धांजलि
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