जीवन की प्रथम लघुकथा ( लघुकथा संकलन ) - सम्पादक : बीजेन्द्र जैमिनी
सम्पादकीय लघुकथा साहित्य में पहला कदम ************************** लघुकथा साहित्य में दिनों दिन विकास हो रहा है परन्तु हम कहीं ना कहीं कुछ भूलतें जा रहेंं हैं । जीवन की प्रथम लघुकथा । कहतें हैं कि लघुकथा कुछ नहीं है । मैं कहता हूँ कि हिन्दी साहित्य में सबसे अधिक पाठक लघुकथा साहित्य के ही हैं और लेखक भी लघुकथा साहित्य के ही हैं । जब इतना सब कुछ है फिर हम पीछे क्यों है ? वास्तविकता ये है कि लघुकथा साहित्य हर तरह से परिपूर्ण है । आवश्यकता है सिर्फ अलग अलग ढंग से कार्य करने की है । इसको ध्यान में रखकर यह कार्य किया जा रहा है । उद्देश्य एकदम स्पष्ट है । फिर भी कोई भटकता है वह उस की सोच है। मेरा उद्देश्य लीकं से हट कर कार्य करने की है । यह कार्य शोध के लिए भी है । इस कार्य के लिए सभी के सहयोग की आवश्यकता है । उम्मीद भी सही साबित हो रही है। सभी का सहयोग मिल भी रहा है । सम्पादक बीजेन्द्र जैमिनी --------------------------------------------...