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लॉक डाउन के चलते लम्बी - लम्बी पैदल यात्रा का क्या प्रभाव है ?

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लॉक डाउन के चलते लम्बी - लम्बी पैदल यात्रा करना किसी भी स्थिति में उचित नहीं है । जो ये यात्रा कर रहें हैं । वह अपने सहित परिवार , गांव , प्रदेश व देश को खतरे में डाल रहे हैं । ये लॉक डाउन हम सब को सुरक्षित बचाने के लिए किया गया है । हम ही तोडऩे में लग जाऐ तो फिर प्रभु ही मालिक है । यही " आज की चर्चा " का प्रमुख विषय है । आये विचारों को देखते हैं : -  संयोग है ये लेख मुझे उस समय लिखना पड़ रहा है जब कोरोना संक्रमण अपनी विनाशकारी यात्रा के तीसरे पड़ाव की ओर उन्मुख है ऐसे में लम्बी तो छोड़ो, छोटी यात्रा करना भी ख़तरे से ख़ाली नही है। ये लम्बी लम्बी दूरी की पैदल यात्रा करना संक्रमण को फैलने में सहायक है ।        हमारे देश में जनसंख्या घनत्व शहरों में अधिक होने के पीछे गाँवों का पलायन है और वह निर्धनता के कारण है रोज़ी रोटी के चक्कर में बड़ी संख्या में लोग अपने पैतृक घर को छोड़कर दूर - दूर निकल जाते हैं परन्तु उनका लगाव अपने गाँव से, घर से,परिवार से, परम्पराओं से बना ही रहता है  और वह जनसंख्या का बहुत बड़ा हिस्सा है उसमें पढ़े लिखे व अनपढ़ दोनों ही तरह...

क्या कोरोना संदिग्ध को आइसोलेट करने में जनता को सहयोग देना चाहिए ?

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जब जनता जागरूक हो जाती है तभी ऐसा कुछ सम्भव होता है । बिना सहयोग किसी भी कार्य में सफलता नहीं मिलती है । वर्तमान में कोरोना वायरल  के संदिग्ध को हर स्थिति में आइसोलेट में पहुंचना चाहिए । तभी हम सब सुरक्षित हो सकते हैं ।  यही " आज की चर्चा " का प्रमुख विषय है । अब आये विचारों को देखते हैं : - कोरोना जैसे संक्रामक रोग से प्रत्येक व्यक्ति को एहतियात बरतना चाहिए |कोरोना संदिग्ध को तो विशेष सावधानी बरतनी चाहिए न सिर्फ़ अपने और अपने परिवार के लिए बल्कि पूरे समाज और अपने देश के लिए |कुछ दिनों की सावधानी से वह कोरोना मुक्त हो सकता है|खुद को आइसोलेट ;यानी अपने आप को एक कमरे में बंद कर लें ,हो सके तो कमरे से जुड़ा शौचालय का उपयोग करें |देखभाल करने वाला व्यक्ति भी दूर से ही ज़रूरत की चीजें दे और समय समय पर हांथों को धोए |साफ सफ़ाई का विशेष ध्यान रखे| जनता और आस पड़ोस को भी सजग रह कर ऐसे संदिग्ध व्यक्ति की सूचना प्रशासन को समय रहते देकर मदद करनी चाहिए |कई बार व्यक्ति इस भ्रम में रहता है कि मुझे कुछ नहीं हो सकता मैं तो स्वस्थ हूँ |लेकिन कोरोना जैसी घातक बिमारी एक तो तुरंत पता नह...

क्या भारत में मेडिकल सेवा के विस्तार की आवश्यकता है ?

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भारत में मेडिकल सेवा में बहुत अधिक विस्तार की आवश्यकता है ।वर्तमान में बड़ों शहरों तक ही सीमित है । मेडिकल सेवा का विस्तार गाँव - गाँव तक विस्तार की आवश्यकता है । यही " आज की चर्चा " का प्रमुख विषय है । अब आये विचारों को भी देखते हैं :- हम उत्तम स्वास्थ्य सेवा के लिए कितनी भी सुविधाएँ क्यों न जुटाते जायें पर किसी बड़े और वैश्विक संकट के समय हमेशा कम ही पड़ती हैं। इसलिए दिन/प्रतिदिन केंद्र और राज्य सरकारों को सोच-विचार कर नयी योजनाएँ बना कर उन्हें कार्यान्वित करते रहना चाहिए ताकि संकट के समय स्वास्थ्य सेवा की सुविधाओं में कमी से जूझना न पड़े।     जब इस समय लॉक डाउन की स्थिति में बाहर नहीं निकलना है ऐसे में किसी की मृत्यु हो जाने पर दाह संस्कार के लिए शमशान ले जाना होता है तो थोड़ी-बहुत भीड़ तो जुट ही जाती है।ऐसे में यदि अस्पतालों में ही विद्युत शवदाह गृह की सुविधा होनी चाहिए और हर शहरों में होनी चाहिए। - डा० भारती वर्मा बौड़ाई     देहरादून -  उत्तराखंड जी  हाँ ,   विकासशील देश भारत की 130 करोड़ जनसँख्या होने से विश्व आबादी में में द...