क्या सदाचार से ही सम्मान मिलता है ?
सदाचार जीवन का आधार है । जो प्रभु भक्ति से लेकर जीवन के विभिन्न पहलुओं का चित्रण करता है । जिससे जीवन में सदाचार कायम हो जाऐं । यहीं कुछ जैमिनी अकादमी द्वारा " आज की चर्चा " का प्रमुख विषय है । अब आये विचारों को देखते हैं : - सत्य और दया भाव आचरण करने वाले व्यक्ति को ही स्म्मान मिलता है।जो मनुष्य मूल्य चरित्र और नैतिकता के साथ जीता है।वह ब्यक्ति अपने आप मे सम्मानित रहता है।ऐसे मानव को सामान से नही सम्मान की जरूरत होती है। सामान की नही। अतः सदा चारी ब्यक्ति को ही स्म्मान मिलता है। -उर्मिला सिदार रायगढ -छत्तीसगढ़ सदाचारी का सम्मान होता ही है,बल्कि हार्दिक सम्मान होता है। इसका कारण कि उसमें आत्मसम्मान भी होता है।सम्मान मिलने में सदाचार महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।सम्मान कोई ऐसी वस्तु नहीं,जिसे ऐसे ही हासिल कर लिया जाएं,खरीद लिया जाए। कितना ही त्याग और बलिदान इसके पीछे होता है।ऐसा भी होता है कि कभी कभी इस सबके बावजूद भी सम्मान न मिले लेकिन इतना जरूर है कि अपमान भी नहीं होगा। वैसे सदाचारी होने से मन में जो आत्मसम्मान का भाव जागता है,यह बहुत बड़ी उपल...