विजय हजारे स्मृति में चर्चा परिचर्चा

      अनुभव बहुत कुछ कहता है। जो शिक्षा प्रणाली से प्राप्त नहीं होता है। वह अनुभव से प्राप्त होता है। अनुभव का ज्ञान सबसे श्रेष्ठ माना गया है।  यही कुछ जैमिनी अकादमी की चर्चा परिचर्चा का प्रमुख विषय है। अब आयें विचारों में से कुछ विचार पेश करते हैं :-
    ज्ञान तो जीवन में पग-पग पर बिखरा हुआ है। प्रकृति हो या मनुष्य, बच्चे हों या वृद्ध..ये सभी ज्ञान के भंडार हैं। इनके पास अनुभवों से संचित ज्ञान की बेहिसाब पूँजी है।बड़े-बुजुर्गों के अनुभवों से ज्ञान प्राप्त करने के लिए उनके साथ बैठना, बातें करना और समय बिताना होता है। वे जीवन की ऐसी जीवंत ज्ञान की पुस्तक होते हैं कि उनके अनुभवों से प्राप्त ज्ञान से हम अपना वर्तमान ही नहीं भविष्य भी बना सकते हैं। पुराने और नये ज्ञान का जब संगम होता है तो स्वर्णिम भविष्य का निर्माण होता है।ज्ञान पुस्तकों से भी प्राप्त होता है पर जब वह ज्ञान अनुभव की भट्ठी से तप कर निकलता है तभी वह व्यक्ति को निखार पाता है।अपने अनुभवों से भी ज्ञान लीजिए, प्रकृति के कण-कण से भी ज्ञान लीजिए, अपने बड़े-बुजुर्गों के सिद्ध अनुभवों से प्राप्त ज्ञान को साथ लेकर चलिए और साथ ही अपने संपर्क में आने वाले छोटे-बड़े जो किसी भी आयु और पद के हों, उनसे वार्तालाप करते रहिए उनके अनुभवों को सुन कर सीखते रहिए।साथ ही अपने अनुभव और अपनी त्रुटियों से भी ज्ञान लीजिए। पढ़ते रहिए, पढ़ा ज्ञान भी कब-कहाँ क्या सिखा जाये। लोगों की बातें सुन कर यह विचार कभी मन में ना लायें कि देखो ज्ञान बाँट रहा है। फिर देखिए… इतने अनुभवों से प्राप्त ज्ञान से समृद्ध होकर स्वर्णिम भविष्य तो निश्चित ही है। हाँ..इसके साथ असाधारण श्रम तो होना अनिवार्य है।

- डॉ. भारती वर्मा बौड़ाई 

देहरादून - उत्तराखंड

        हर अनुभव ज्ञान मिलता है यानी काम बिगड़ जाने के बाद बुद्धि खुलती है कि ऐसे करने से ऐसे होता, या वैसे करने से वैसा होता. बहुत सारी जानकारी प्राप्त होती है जिसे हम अनुभव कहते हैं. जीवन में जो भी अच्छी बुरी घटनायें घटती हैं हमें कुछ न कुछ अनुभव होता ही रहता है और हमारा ज्ञान बढ़ता रहता है. इसलिए लोग कहते हैं कि बुजुर्गों को ज्यादा अनुभव होता है. और बुजुर्ग जब अपना अनुभव बताते हैं तो कहते बाल धूप में सफेद नहीं हुए हैं, ये सारा ज्ञान मैं अपने अनुभव से ही बताता हूं. जितना पढ़ते लिखते हैं हमारा अनुभव बढ़ता है. और जब अनुभव होता है तो ये ज्ञान होता है कि ये काम ऐसे करना चाहिए,वो काम ऐसे करना चाहिए. और जितना हमारा ज्ञान बढ़ेगा उतना ही सुन्दर हमारा भविष्य बनेगा. क्योंकि ज्ञान से ही हम अच्छे-अच्छे कार्य करेंगें जिससे अच्छा भविष्य बनेगा. 

- दिनेश चंद्र प्रसाद " दीनेश "

कलकत्ता - प. बंगाल 

           हर अनुभव ज्ञान से मिलता हैं जिसका साक्षात उदाहरण हमें अपने जीवन से मिलता है !वो परिवार से पैदा होते ही ॐ के उच्चारण से माँ कान फूकतीं पहली गुरु बन जाती हैं फिर स्कूल गुरुओं से आत्मनिर्भर बनने के गुरूर  अनुभव ही हमारे ज्ञान चक्षुओं को खोलने में मदद करते है ! हमारी पहचान बनाने में हमारे भाँति भाँति के अनुभव ही काम आते है जिसका उदाहरणों से संकेत मिलता है और हम उस ज्ञान से ख़ुद का आत्मलोकन अनुभव से करते हैं अच्छे बुरे की पहचान भी उसके कर्म ज्ञान बताते हैं और हम सही ज्ञान अनुभव पा जीवन की गाड़ी चलाने में सक्षम होते है !आगे चल भविष्य बना आने वाली पीढ़ियों को सक्षम बनाने अपने ज्ञान अनुभव गलतियों को सुधारने की कोशिश करते हैं ! हम अच्छे तो जग अच्छा और जग अच्छा तो हम अच्छे हैं ये पीढ़ी दर पीढ़ी हमारे कर्म ज्ञान अनुभव से चरितार्थ होते है ! जीवन भविष्य निधि को अपने सत्कर्म ज्ञान अनुभव से भर हस्त्रांतृत करते हैं जो सुखद भविष्य बनने में सुगम सक्षम होते है ! और यही हमारी समृद्धि की ओर इशार करते है ! आज का युवा जब कहता है हमारा भविष्य उज्ज्वल नहीं अंधकारमय है ! तब हमारे अनुभव भविष्य उज्ज्वल तो तुम्हें हमारे अनुभव से बनाना है जिसमें अंधकार - रोशनी का भाव ज्ञान से भरे मय का लोप कर ज्ञान अनुभव से समृद्धि की ओर अग्रसर हो  जीवन भविष्य अपने आप सुधर जाएगा ऐसा मानना है ! “नही तो वही बात चरितार्थ होगी पर उपदेश कुशल बहुतेरे  “ अनुभव सार ॰

- अनिता शरद झा

रायपुर - छत्तीसगढ़ 

       जीवन में कुछ ज्ञान अध्ययन से आता है और कुछ अनुभव से। दोनों का महत्व है और दोनों ज्ञानार्जन के लिए आवश्यक हैं। अध्ययन निरंतर   हो सकता है, जबकि अनुभव को अवसर  की प्रतीक्षा करनी पड़ती है। कहा भी गया है, ज्ञान जहाँ से भी मिले, प्राप्त करना चाहिए क्योंकि ज्ञान जितना समृद्ध होगा, वह हमारे भविष्य को उतना ही बेहतर संवारने में अपनी भूमिका निभाने में सक्षम रहेगा।इसका अर्थ यह भी नहीं कि हम चौबीसों घंटे ज्ञान अर्जन ही करते रहें। इसके लिए संयम और समझदारी बरतनी होगी। यानी ज्ञानअर्जन के लिए नहीं जीना, बल्कि जीने के लिए ज्ञानार्जन करना है। वह इसलिए ताकि हम अपने जीवनयापन में संघर्ष को कमतर करें, आने वाली समस्याओं के निराकरण के लिये सामर्थ्यवान बन सकें।उचित-अनुचित, सही-गलत का निर्णय लेने में योग्य बन सकें।

- नरेन्द्र श्रीवास्तव

गाडरवारा - मध्यप्रदेश 

        मनुष्य का जीवन अनुभवों से भरा होता है। हर अनुभव हमें कुछ न कुछ सिखाता है। कभी सफलता हमें आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है, तो कभी असफलता हमें अपनी गलतियों से सीखने का अवसर देती है। यही अनुभव धीरे-धीरे हमारे ज्ञान को बढ़ाते हैं। ज्ञान वह शक्ति है जो मनुष्य को सही और गलत में अंतर समझने की क्षमता देती है। जब हम अपने अनुभवों से प्राप्त ज्ञान का सही उपयोग करते हैं, तब हमारा भविष्य उज्ज्वल बनता है। इसलिए जीवन में हर अनुभव को सीख के रूप में स्वीकार करना चाहिए, क्योंकि यही अनुभव हमारे भविष्य की मजबूत नींव बनाते हैं। 

- डॉ. अर्चना दुबे 'रीत'

 मुंबई - महाराष्ट्र 

      अनुभव से मिला ज्ञान स्थायी और प्रभावी होता है, फिर इसका प्रयोग भी किया जाता है।यह अनुभव हमारे कार्यों में काम आता है यानी यह ज्ञान कार्य में परिणत होता है जो कि हमारे भविष्य का आधार बनता है। ज्ञान से भविष्य बनने की उक्ति सत्य है। अब यह उस ज्ञान के प्रयोग करने पर निर्भर करता है कि वह उस ज्ञान को सर्जनात्मकता में उपयोग करता है या विध्वंसक गतिविधियों में।इसी के अनुरूप उसका भविष्य निर्धारण होगा।उदाहरण से समझें एक पायलट संकटग्रस्त क्षेत्रों में फंसे लोगों को एअरलिफ्ट कर रेस्क्यू आपरेशन सफल बनाता है यानि सर्जनात्मक रचनात्मक कार्य करता है। जबकि एक पायलट वर्ल्ड ट्रेड सेंटर को उड़ानें के लिए जानबूझकर अपने विमान को वहां टक्कर मार देता है।इस विध्वंसक कार्य में वह स्वयं भी मारा जाता है।अब इनका भविष्य पहले पायलट कौन जहां सम्मान मिलता है वहीं दूसरे कौन लानत और मौत मिली। ज्ञान से भविष्य बनता है इसलिए ज्ञान का सकारात्मक प्रयोग ही करना चाहिए।

- डॉ.अनील शर्मा 'अनिल'

धामपुर - उत्तर प्रदेश 

        जिंदगी के सफर में ठोकरें लगती है .... इंसान गिरता है , आहट होता है , संभालता है , और फिर उठकर अपनी गलतियों को सुधारकर , आगे बढ़ता है !! हर नई ठोकर , जिंदगी का नया पाठ पढ़ाकर जाती है !! ये थकार ही अनुभव कहलाती है ! हर नया अनुभव , मनुष्य को नया ज्ञान प्रदान करता है ! गिरकर  , जो ज्ञान प्राप्त होता है , उसी से मनुष्य का भविष्य बनता है !! जो गिरकर , संभलकर , दोबारा नए जोश के साथ जिंदगी मैं अपने मुकाम को हासिल करने के पथ पर चलता है , वह अपने उज्वल भविष्य का निर्माण करता है !! अनुभव की ठोकर से जो हताश हो जाता है , वह अपने भविष्य का विनाश , स्वयं करता है !! 

ठोकर खाकर गिरना , 

दुनियां की रीत है !! 

अनुभव से सीखना 

भविष्य से प्रीत है !! 

- नंदिता बाली 

सोलन - हिमाचल प्रदेश

       अगर अनुभव की बात करें तो  अनुभव हमारे जीवन का सागर है जो हमारे ज्ञान को गहरा करता है और हमें हर परिस्थिति में सही ढंग से देखने में मदद करता है, यह केवल घटनाओं का स्मरण नहीं बल्कि उन्हें जीवन में उतारने की प्रक्रिया है जो हमें अतीत की गलतियों से सीख कर बेहतर निर्णय  देने की क्षमता प्रदान करता है, तो आईये आज इसी पर चर्चा करते हैं कि हर अनुभव से ज्ञान मिलता है और ज्ञान से भविष्य बनता है,  मेरा मानना है कि हर अनुभव चाहे अच्छा हो या बुरा जीवन में ज्ञान का अमुल्य स्रोत है, यह एक ऐसी प्रक्रिया है यहाँ हर घटना हमें बेहतर इंसान बनने और सफलता के करीब पहुंचने में मदद करती है,  यही नहीं अनुभव हमारे भीतर समझ, करूणा और स्पष्ट दृष्टिकोण विकसित करता है जिससे हम परिस्थितियों को व्यापक रूप से समझ पाते हैं, इसके अतिरिक्त ज्ञान ही हमारे  भविष्य को संवारने में मदद करता है क्योंकि ज्ञान, शिक्षा और अनुभव के माध्यम से ही मनुष्य सही निर्णय लेने, आत्म, निर्भर बनने और सुनहरे भविष्य का निर्माण करने  में  मददगार सिद्ध होता है इसके साथ साथ यह आत्मविश्वास का मार्ग प्रशस्त करता है  वास्तव में ज्ञान वो शक्ति है जो व्यक्तिगत समाजिक और आर्थिक  विकास की नींव  रखता है तथा निर्णय लेने में  कारागार सिद्ध होता है अन्त में यही कहुंगा कि ज्ञान , शिक्षा और अनुभव के माध्यम से ही   मनुष्य सही निर्णय लेने, आत्म निर्भर बनने और अपने भविष्य का निर्माण करने में सक्षम होता है, अनुभव छोटा हो या बड़ा हमें कुछ न कुछ सिखा कर ही जाता है तथा अनुभवी इंसान  अपने अनुभव से ही उक्त क्षेत्र में कामयाबी हासिल करके उँचे से उँचे स्थान को हासिल कर लेता  है जिससे उसका वर्तमान ही नहीं बल्कि भविष्य भी उज्जवल हो जाता है । 

- डॉ सुदर्शन कुमार शर्मा

जम्मू - जम्मू व कश्मीर

       ये पंक्तियाँ ज्ञान के महात्म्ययकी सहज परिचायक हैं। सुनते आये हैं--

करत करत अभ्यास के जड़ मति होत सुजान

रसरी आवत जात है सिलपर परत निसान

सत्य रस्सी के निरंतर घिसने से कुंयें के पत्थर पर निशान बन जाते हैं - - फिर बार बार मनन पठन से दिल पर मन पर दिमाग पर वह बात कैसे नहीं उमटेगी? मानव जीवन - - सामाजिक प्राणी होने के नाते - - सदैव क्रियाशील रहता है। उसका मन सदैव क्रियाशील रहता है और मन के साथ तन भी चरैवति चरैवति के अनुसार अपना कर्म निभाता रहता है। राह में अनुभवों की थाती आपकी मार्गदर्शक बनती है। अतः स्पष्ट है कि हर अनुभव से ज्ञान मिलता है और उस अनुभव के साथ संचालित ज्ञान से जीवन बनता है। हम समाज में रहते हैं और नित नवीन अनुभूतियों अनुभवों से गुजरते हैं। ये अनुभव और ज्ञान जीवन की राहों को सुलभ बनाते हैं। ज्ञान और अनुभव की परस्पर पूरकता ही मानव जीवन को अनमोल अनोखा अप्रतिम बनाती है।

- हेमलता मिश्र मानवी 

नागपुर - महाराष्ट्र

          हर अनुभव से ज्ञान मिलता है और ज्ञान से ही भविष्य बनता है । मनुष्य को हर गलती से एक सीख मिलती हैऔर यही एक सीख हमारे भविष्य की नींव की पहली ईंट होती है अगर  कोई कार्य करते समय हमारे मन मन मस्तिष्क में डर रहता है कि यह हमारा कार्य कहीं गलत ना हो जाए। सही होगा?या गलत होगा? कैसे करें गे? आदि प्रश्न करके हमें अनुभव  प्राप्त होता है और यही अनुभव हमारा ज्ञान बढ़ता है और इस ज्ञान के दम पर हमारे भविष्य का निर्माण होता है।  मैं मानती हूं"" कि जीवन में हर दिन के अनुभव से अनायास ही हमें कई सवाल - जवाब मिलते हैं , जिससे हमारा ज्ञान बढ़ता है, और अनुभव के आधार पर भी हम अगला कदम सोच समझकर उठाते हैं बस धीरे-धीरे यही चक्र चलता  रहता है और हमारे भविष्य का निर्माण होता है। "" अपने आसपास के समाज, देश -विदेश आदि की घटनाओं से से ही नहीं प्रकृति की हर वस्तु -जीव जन्तु से भी हमें कुछ ना कुछ सीख( ज्ञान) मिलती रहती है। और जो इंसान अपने ग्यान को अनुभव के आधार पर अपडेट करते हैं उनके उज्जवल भविष्य की संभावना बढ़ जाती है । 

  - रंजना हरित

 बिजनौर - उत्तर प्रदेश 

    यह पंक्ति बहुत गहन और जीवनदर्शी हैं। मनुष्य का जीवन अनुभवों की एक सतत यात्रा है। हर दिन, हर परिस्थिति और हर व्यक्ति हमें कुछ न कुछ सिखाता है। कभी सफलता से आत्मविश्वास मिलता है तो कभी असफलता से धैर्य और सावधानी का पाठ मिलता है। इसलिए कहा गया है कि अनुभव ही सबसे बड़ा शिक्षक होता है। जब हम अपने अनुभवों से सीख लेते हैं, तो वही सीख ज्ञान का रूप धारण कर लेती है। यह ज्ञान केवल पुस्तकों से प्राप्त जानकारी नहीं होता, बल्कि जीवन की वास्तविक परिस्थितियों में अर्जित समझ होती है। यही ज्ञान हमें सही और गलत में भेद करना सिखाता है तथा कठिन समय में उचित निर्णय लेने की शक्ति देता है।वास्तव में, जिस व्यक्ति ने अपने अनुभवों से सीखना सीख लिया, उसका भविष्य स्वतः ही सशक्त और उज्ज्वल बन जाता है। वह गलतियों को दोहराने के बजाय उनसे मार्गदर्शन लेता है और हर नई चुनौती को एक अवसर के रूप में देखता है।अतः यह सत्य है कि अनुभव से प्राप्त ज्ञान ही भविष्य की नींव बनता है। जो व्यक्ति अनुभवों को समझकर उन्हें ज्ञान में बदलता है, वही अपने जीवन को सफलता और संतुलन की दिशा में आगे बढ़ाता है।

- डाॅ. छाया शर्मा

अजमेर - राजस्थान

      हर अनुभव से ज्ञान मिलता है, ज्ञान से ही भविष्य बनता है....  यह बिल्कुल सत्य है... ज्ञान  की प्राप्ति अनुभव से ही होती है चूंकि व्यक्तिगत अनुभव ही सीखने का सबसे मौलिक, प्रेरक एवं विश्वसनीय श्रोत है। अनुभव से प्राप्त  ज्ञान व्यवहारिक ज्ञान है जिसे हम लंबे समय तक भुला नहीं पाते एवं ज्ञान हमें बताता है, जानकारी देता है ...उदाहरण के लिए...आग से हम जल सकते हैं यह ज्ञान हमें बताता है अतः हम उससे दूर रहते हैं किंतु यदि कभी आग से जल जाते हैं तो उस अनुभव से प्राप्त ज्ञान व्यवहारिक होता है... । अनुभव हमें गलतियां करके सुधारने का मौका देता है एवं असफलता के बाद सफल बनने की ताकत देता है। अनुभव चाहे अच्छा हो या बुरा हमें ज्ञान देता है और यही संचित ज्ञान सही निर्णय लेने में मदद कर हमारे उज्जवल भविष्य का निर्माण करता है... सार यही है..."अनुभव एवं ज्ञान एक ही सिक्के के दो पहलू हैं जो जीवन में हमें सफलता की ओर ले जाते हैं....।

- चंद्रिका व्यास 

 मुंबई - महाराष्ट्र

         हर अनुभव से ज्ञान मिलता है एकदम सही बात है ‌। जीवन में व्यवहारिक शिक्षण हम पुस्तकों से प्राप्त करते ही हैं किंतु जीवन में रोजमर्रा की घटनाओं से जो अनुभव प्राप्त होता है वह भी बहुत कुछ सीखा जाता है इसलिए कहा गया है की हर अनुभव से ज्ञान मिलता है।और वही शिक्षा एवं अनुभव का ज्ञान हमारे जीवन के भविष्य को सवारने में संबल प्रदान करता है। 

- रविंद्र जैन रूपम 

  धार - मध्य प्रदेश

         यह कथन जीवन का एक बहुत बड़ा सत्य है. "हर अनुभव से ज्ञान मिलता है और ज्ञान से ही भविष्य बनता है" यानि हमारे जीवन के उतार-चढ़ाव, सफलता-असफलता, और दैनिक घटनाएं हमें सिखाती हैं, और इसी सीख से हम बेहतर भविष्य का निर्माण करते हैं. अनुभव अच्छा हो या बुरा, हर स्थिति हमें नई दिशा और समझ देती है. अनुभव ही सच्चा शिक्षक है. ज्ञान का आधार अनुभव है. अल्बर्ट आइंस्टीन ने भी कहा है कि ज्ञान का एकमात्र स्रोत अनुभव ही है. जो ज्ञान हमें अनुभवों से मिलता है, वही सही निर्णय लेने की क्षमता विकसित करता है, जिससे हमारा आने वाला कल बेहतर होता है, भविष्य उज्ज्वल होता है. जीवन में लगातार सीखते रहना और हर अनुभव को एक पाठ के रूप में देखना ही ज्ञान प्राप्त करने का सही तरीका है. आज का अनुभव कल का ज्ञान है और आज का ज्ञान भविष्य की सफलता की नींव है.

- लीला तिवानी

सम्प्रति - ऑस्ट्रेलिया

" मेरी दृष्टि में " अनुभव का ज्ञान ही भविष्य की नींव रखता है। जो जीवन का भविष्य तैयार करता है। अनुभव कोई डिग्री भी नहीं है। फिर भी अनुभव श्रेष्ठ माना जाता है। अनुभव से ही कठोर से कठोर कार्य भी सम्भव हो जातें हैं। यही अनुभव की ताकत है। 

    - बीजेन्द्र जैमिनी 

   (संचालन व संपादन)

Comments

Popular posts from this blog

हिन्दी के प्रमुख लघुकथाकार ( ई - लघुकथा संकलन ) - सम्पादक : बीजेन्द्र जैमिनी

दुनियां के सामने जन्मदिन

हिन्दी की प्रमुख महिला लघुकथाकार ( ई लघुकथा संकलन ) - सम्पादक : बीजेन्द्र जैमिनी