कवि सम्मेलन : होली - 2026
बाजे है ढोल नगाड़े रे
होली आई है होली आई रे
बाजे हैं ढोल नगाड़े रे ,
रंगों में डूबी बृज की होली रे
नाचे है राधा रानी कृष्णा रे
फगुआं के गीत मतंग बहारे रे
बसंती हवाओं में डूबी होली रे
उड़ते हुए रंग गुलाल रे
महकें है अमुआँ टेसुआ के फूल रे
आम्रकुंज में कोयल की कूक रे
फगुआँ के गीत संग नाचे मन मोर रे
मधुबन में छाई पुरवैया सुहानी रे
आई है होली आई रे
बाजे है ढोल नगाड़े रे
मोहनी रँग सजी नार नवेली रे
केसरियाँ रंग धरि जीवन मधुशाला रे
खिलते फ़ुल गुलशन बहार रे ।
बिजली से चमके रति कामदेव रे ।
होली उन्मादो संग पुरवैया सुहानी रे
जीवन मधुर रंग शाला रे
मोहनी रँग सजी नार नवेली रे
जीवन बनी मधुशाला रे ।
फगुआँ के गीत नाचे मन मोर रे
आई है होली आई रे
बाजे है ढोल नगाड़े रे
वृक्षों के आलिंगन बसंत बहार रे
खिलते फ़ुल गुलशन बहार रे ।
बिजली से चमके रति कामदेव रे ।
मोहनी रंग बनी मधुशाला रे
आई है होली आई रे
बाजे है ढोल नगाड़े रे ।
- अनिता शरद झा
रायपुर - छत्तीसगढ़
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होली
आज कह रहे हैं आई आई कल कहेंगे हो ली
रऺगो का त्योहार निराला
होली प्यारा प्यारा।
द्वापर युग से होली खेले
यादव कुल की टोली
चेहरों पर लाल गुलाल लगाकर
चलती मस्तों की टोली
प्रेम का सन्देश फैलाती
त्यौहार देश का होली ।
खेल रहा है भारत देश
- मदन हिमाचली
सोलन - हिमाचल प्रदेश
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होली के रंग
मौसम ने ली
मीठी सी अंगड़ाई
फागुन की रूत आई
जागा मन में उमंग ।
अंग अंग में
समा गई सिहरन
जैसे समाता है
जल में तरंग।
मन को गुदगुदा गया
एक मीठा संदेशा
परदेशी पिया का
आया ईक चिट्ठी बैरंग।
तन -मन की
सारी ख़ुशियों को
रंगों में रंग देगा
होली के रंग - बिरंगे रंग
- सेवा सदन प्रसाद
नवी मुबंई - महाराष्ट्र
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होली का संदेश
होली का त्यौहार है,
सब अवश्य मनाएं !
प्राकृतिक रंगों से ,
होली को हम सजाएं !!
त्यागकर घृणा द्वेष,
सब एक हो जाएं ,
होली के त्यौहार पर ,
केवल खुशियां मनाएं !!
इस दिन का एक हो नारा ,
बढ़ाएंगे हम भाईचारा ,
मिटाकर गिले शिकवे ,
न लड़ेंगे हम दोबारा !!
भूलकर सब चिंताएं
स्वयं को हम हर्षाए!!
आओ सब मिलकर
नवीन होली मनाएं !!
- नंदिता बाली
सोलन - हिमाचल प्रदेश
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राधा कृष्ण संग खेलें होली
इस होली में जल जायें,
सब की सब बुराईयां हमारी।
परमपिता परमात्मा से यही,
करबद्ध प्रार्थना है हमारी।
चहुंओर खुशहाली ही बरसे,
परेशानियां होलिका में भभकें।
दही भल्ले और गुंजिया मठरी,
इनके बिना होली है अधूरी।
राधा कृष्ण संग खेलें होली,
आओ बरसाने चलें हमजोली।
- संजीव " दीपक "
धामपुर (बिजनौर) - उत्तर प्रदेश
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केसरिया फाग की धार
रंगों में डूबा नादां मन
अँखियों - अँखियों से चले
चहूँ ओर सतरंगी फुहार
मचाए होली का हुड़दंग।
बचपन में खेली थी होली
मिली मुझको ऐसी ख़ुशी
कर गई सब तन - मन गीला
था वह सुनहरा पीला रंग।
फिर मस्त यौवन था मुस्काया
लाल रंग ने रंग दिखाया
मैं से हम कर ऋद्धि - सिद्धि ने
दिया ' पी ' का सिंदूरी संग।
बस गया नव संसार मेरा
खिल गया जीवन का वसंत
रंग हरा - हरा बरसा वह
खुशियों ने बदले रंग - ढंग।
रंग नीला जब मुझ पे बहा
ईश कृपा समझ में आई
रूह मेरी बंशी बजा के
ईश गहराई से दिल दंग।
प्रभु का रंग कभी न उतरे
मीरा दीवानी बन जाऊं
केसरिया फाग की धार में
पिया ! चढ़ी है तेरी तरंग।
करूँ प्रेम रंग की बौछार
होएँ ईश से एकाकार
मंजिल ' मंजू ' होली बन के
बजाए अंतस में मृदंग।
- डॉ मंजु गुप्ता
मुंबई - महाराष्ट्र
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मिले सांवरिया होली में
हो गई नीली,पीली,कत्थई,
लाल चुनरिया होली में।
रंग में भींजे हुए बावरे,
मिले सांवरिया होली में।।
संग हवा के उड़ा गुलाल,
नीला अंबर हुआ लाल।
आज रंग में,ऐसे रंग जाएं,
मैं रंग डालूं,तू रंग डाल।
आज नहीं डर जग वालों का,
डूबी नगरिया होली में।
महक रहा खुशबू से मौसम,
मस्ती में झूमें हम और तुम।
गूँजे गीत मिलन के चँहू दिश,
बाहों में लूमे हम और तुम।
पीकर नेह भंग-तरंग की,
भूले खबरिया होली में।
स्वप्न संजोये महीने बीते,
अरमानों की ललक लिए।
होली है इंद्रधनुषी रंग में,
अपनापन की झलक लिए।
पावन प्रीत,रंगो की होली,
झलके गगरिया होली में।
हो गई नीली,पीली,कत्थई,
लाल चुनरिया होली में।
रंग में भींजे हुए बावरे,
मिले सांवरिया होली में।।
- नरेन्द्र श्रीवास्तव
गाडरवारा - मध्यप्रदेश
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उड़े मस्ती के रंग
जले मन का कलुष
होली की लपटों के संग,
गले मिले सब मानुष
भूले कल की वो जंग.
होली आई रे रंगीली
उड़े मस्ती के रंग....
चलो खेले रे होली
भीगे रंग में अंग-अंग,
गूंजे गीत फागुन के
बाजे ढोल औ' मृदंग.
होली आई रे रंगीली
उड़े मस्ती के रंग..
कहीं खेले लट्ठमार
कहीं रंगों की फुहार
निकले मन के गुबार
दिखी भंग की तरंग.
होली आई रे रंगीली
उड़े मस्ती के रंग....!
- रेखा श्रीवास्तव
कानपुर - उत्तर प्रदेश
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रंगों में घुलेगी रिश्तों की मिठास
रंगों में घुलेगी रिश्तों की मिठास,
आज धुल जाएँगे मन के सब संताप।
मारो भरकर पिचकारी आज,
प्रेम बन जाए हर दिल का साज।
लाल गुलाल में छिपी है उमंग,
पीला रंग लाए खुशियों का संग।
हरा रंग दे नव आशा का संदेश,
नीला रंग रचे विश्वास विशेष।
भीगे आँगन, भीगे अरमान,
हँसी से महके हर इंसान।
रूठे मन भी आज मना लो,
अपनों को गले से लगा लो।
ढोलक की थाप पे झूमे गाँव,
उड़ें अबीर, सजे हर ठाँव।
रंग बरसें जैसे हो बरसात,
हर दिल गाए प्यार की बात।
आओ मिलकर ये त्योहार मनाएँ,
नफरत की दीवारें दूर हटाएँ।
रंगों में घुलेगी रिश्तों की मिठास,
मारो भरकर पिचकारी आज।
- रंजना वर्मा उन्मुक्त
रांची - झारखंड
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होली पर फायकू
होली खुशियों का त्यौहार
प्यार का आधार
तुम्हारे लिए ।
रंगो का है उत्सव
गुलाल और अबीर
तुम्हारे लिए ।
रंगों की बारिश में
खुशियों के फब्बारे
तुम्हारे लिए ।
सबके दिल में विशेष
भाईचारे का संदेश
तुम्हारे लिए ।
दिल में बसाकर प्यार
सबको गले लगाएं
तुम्हारे लिए।
रंग बिरंगी होली आई
लख लख बधाई
तुम्हारे लिए।
होली पर लिखती फायकू
तुम्हारे लिए।
- रंजना हरित
बिजनौर - उत्तर प्रदेश
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