डॉ० गौरी अरोड़ा


इनसे मिलिए 

     डॉ० गौरी अरोड़ा एक प्रतिष्ठित हिंदी प्राध्यापिका एवं साहित्यकारा हैं।इनका जन्म नवंबर 1979 को रोहतक में हुआ वर्तमान में वे झज्जर में निवास कर रही हैं।उन्होंने बी.एड.,एम.एड.,एम.फ़िल एवं हिंदी में पी.एच.डी.की उपाधि प्राप्त की हैं।उनकी लेखनी विभिन्न विषयों को छूती हैं।इन्हें  राष्ट्रीय स्तर की ऑनलाइन काव्य प्रतियोगिता में  रैंक व पुरस्कार प्राप्त हुआ है। " इनके  "आतुर मन " एकल काव्य संग्रह एवं 14 सांँझा संकलन(काव्य संग्रह) : मातृभूमि, रंगमंच, भारत की विजय1971, कविता कौमुदी, लघु कविता व्योम,महता नारी की, हरियाणावी जिंदाबाद(हरियाणवी लघु कविता संग्रह), निस्वार्थी पौत्र  जन्मोत्सव साहित्य-4, प्रकृति की गोद, सौभाग्य पर्व तीज, रक्षा बंधन, ममता की मूर्ति मेरी माँ एवं प्रकाश स्तंभ प्रकाशित हो चुके हैं। " निस्वार्थी ' नवाबों की नाइंसाफी भाग -2 में समीक्षा लेखन । ये विभिन्न काव्य गोष्ठियों(ऑनलाइन एवं ऑफलाइन) में काव्य पाठ द्वारा अनेक अवार्ड एवं प्रशस्ति पत्रों द्वारा पुरस्कृत हुई है ।अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2025 पर : राष्ट्रीय नारी रत्न सम्मान । आतुर मन एकल काव्य संग्रह के लोकार्पण पर : प्रज्ञा साहित्यिक मंच द्वारा सम्मानित ।


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