प्रणब मुखर्जी स्मृति सम्मान - 2025
अगर संक्षेप में बात की जाए तो उदेश्य एक मार्गदर्शक शक्ति है जो हमें सफल जीवन जीने में मदद करती है बिना इसके जीवन दिशाहीन और महत्वहीन लग सकता है, तो आईये आज इसी पर चर्चा करते हैं की उदेश्य सब से महत्वपूर्ण है और उदेश्य से ही कामयाबी मिलती है, यह अटल सत्य और परखी हुई बात है की उदेश्य के बिना कोई भी कार्य पूर्ण नहीं होता, क्योंकि सफलता बड़े लक्ष्यों और स्पष्ट उदेश्य से ही मिलती है, इसके साथ उदेश्य के लिए मानसिक और शारीरिक शक्ति भी अनिवार्य है,मगर उदेश्य वह चिंगारी है जो इंसान को आगे बढाने में प्रयास करती है और जीवन में वो हासिल करने में मदद करती है जिसकी हमें जरूरत होती है, लेकिन इसको हासिल करने के लिए, हमें योजना बना कर और समय सीमा तय कर चलने की जरूरत होती है तथा सकारात्मक दृष्टिकोण बनाये रखना होगा तथा अपने उदेश्य को पहचान कर गहराई से सोचना होगा की हम जीवन में क्या हासिल करना चाहते हैं, तभी जा कर हम कामयाबी हासिल कर सकते हैं अन्त में यही कहुंगा की लक्ष्य रख कर ही हम उसे पाने का प्रयास कर सकते हैं ,उदेश्य के बिना हम प्रयास जारी नहीं रख सकते क्योंकि जब तक मन में कुछ पाने का और उस तक पहुंचने का रास्ता नहीं पता होगा हम अपने लक्ष्य को हासिल नहीं कर सकते इसलिए कामयाबी के लिए उदेश्य को अपनाना जरूरी है जब तक हमारे मन में उदेश्य का खाका नहीं होगा हमें कामयाबी मिलना मुश्किल है इसलिए किसी भी लक्ष्य को हासिल करने के लिए उदेश्य ही महत्वपूर्ण है और उदेश्य ही कामयाबी का सबसे बड़ा स्रोत है।
- डॉ सुदर्शन कुमार शर्मा
जम्मू - जम्मू व कश्मीर
उद्देश्य सब से महत्वपूर्ण है, उद्देश्य से कामयाबी मिलती है....बहुत ही सटीक विषय है... जैसे हम कोई कहानी लिखते हैं तो लिखने से पहले हम एक प्लाॅट तैयार करते हैं यानी बेस...बेस मिलते ही हमारी कहानी अपनी मंजिल का सफर तय करते हुए गनतव्य को छू ही लेती है, चूंकि उसे सही दिशा जो मिल गई थी। ठीक उसी तरह जीवन में उद्देश्य को लेकर ही हम कोई कार्य करते हैं... यदि उद्देश्य है तो हमें मालुम होता है कि हमें अपने लक्ष्य तक पहुंचने के लिए कितने संघर्ष की, धन की,आदि आदि की कितनी आवश्यकता है...यहां हमें एक दिशा मिल जाती है और उस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए हम पूरी शिद्दत से अपनी मेहनत, लगन एवं संघर्ष पूरी ताकत के साथ लगा देते हैं जिससे हमें पूर्ण कामयाबी मिलती है। जीवन में कुछ प्राप्त करने के लिए उद्देश्य होना चाहिए...जैसे आप पढ़ाई के क्षेत्र में यदि व्यक्ति डाक्टर बनना चाहता है तो व्यक्ति के पास एक मकसद है, दिशा मिलते ही वह उसी की तैयारी में जी जान से लग जाता है अंत में कामयाब होता है। उद्देश्य होने से व्यक्ति भटकता नहीं है समय की बरबादी नहीं होती। उद्देश्य है तो कामयाबी तो मिलनी है।
- चंद्रिका व्यास
मुंबई - महाराष्ट्र
एक उद्देश्य हमें सही दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। उद्देश्य सबका होता है जीवन में।सब अपने अपने उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए प्रयासरत रहते हैं। अब यह अलग बात है कि किसका क्या उद्देश्य है? माता पिता का उद्देश्य संतान कामयाब बने।इसके पालन पोषण में कोई कमी न रहे।छात्र का उद्देश्य परीक्षा में उत्तीर्ण होना। युवाओं का उद्देश्य रोजगार और जीवनयापन।भक्त का उद्देश्य भगवान की प्राप्ति। आदि आदि। सबके उद्देश्य होते हैं और सब उन्हीं के अनुसार कार्य कर रहे होते हैं। बिना उद्देश्य तो इस सृष्टि का निर्माण भी नहीं हुआ। कर्म प्रधान विश्व रचि राखा।जो जस करहिं हो तब फल चाखा।विश्व की रचना ही कर्म करने के लिए हुई है।यह कर्म निरुद्देश्य तो हो ही नहीं सकते। हर कर्म का परिणाम मिलना सुनिश्चित है। हम जो भी उद्देश्य बनाए, उसके अनुसार कार्य करते हुए सजगता से सही दिशा में आगे बढ़े तो कामयाबी सुनिश्चित प्राप्त होगी।
- डॉ.अनिल शर्मा 'अनिल'
धामपुर - उत्तर प्रदेश
देखा जाए तो वास्तव में मानव जीवन में उद्देश्य महत्वपूर्ण है। यह हमारे जीवन की यात्रा में मार्गदर्शक होता है । इसके द्वारा जीवन का लक्ष्य निर्धारित करके समय की बर्बादी रोककर कार्यसिद्धि के अंतिम छोर पर सरलता से और सहजता से पहुंचा जा सकता है।ऐसा करने पर हमें व्यक्तिगत जीवन में बेहद संतोष अनुभव होता है और व्यक्तिगत,पारिवारिक व्यावसायिक ,सामाजिक, राजनीतिक, धार्मिक क्षेत्र में कोई महत्वपूर्ण कार्य करने के दौरान असफलताओं से हम बच भी जाते हैं । यह स्थितियां हमारे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को ठीक रखती हैं साथ साथ भावी जीवन की कार्यशैली को गति प्रदान करने उसे पूर्ण करने में कामयाबी भी मिल जाती है तो स्पष्ट है कि उद्देश्य के बिना जीवन कष्ट देता है जैसे बिना नक्शा बनाए मकान का निर्माण करना, कैरियर के हिसाब से विषय का सही चुनाव न करना, बचपन, यौवन, वृद्धावस्था की समय अवधि में उद्देश्य निर्धारित करके ना चलने में कार्य और जिम्मेदारियां अपूर्ण व कष्टदायक रह जाती है । अतः जीवन और उसका कार्य क्षेत्र सोद्देश्य होना चाहिए, उद्देश्यविहीन नहीं ।
- डॉ. रेखा सक्सेना
मुरादाबाद - उत्तर प्रदेश
कोई भी कार्य पूरा करने के लिए इच्छा शक्ति का होना बहुत ही आवश्यक होता है। इच्छा शक्ति के लिए उदेश्य महत्वपूर्ण है और सफल उदेश्य के लिए दृढ़ संकल्प का होना मायने रखता है। इस प्रकार एक अदृश्य चैन होती है जो एक-दूसरे से बंधी होती है। ऐसा मानें कि सभी एक-दूसरे पर आश्रित हैं। एक-दूसरे के बिना अधूरे हैं और इसके विपरीत अगर सभी साथ-साथ हैं तो सफलता सुनिश्चित है।साथ ही इस सफलता की कड़ी के रूप में जो प्रधान है ,वह उदेश्य है। उदेश्य बिना न मंजिल तय हो सकती है, न ही रास्ते। सिर्फ भटकाव ही भटकाव पास रहेगा। निरर्थक।
- नरेन्द्र श्रीवास्तव
गाडरवारा - मध्यप्रदेश
बिल्कुल सत्यवचन.... किसी भी कार्य करने के लिए उद्देश्य का होना अति अनिवार्य है ! जब व्यक्ति के आगे उद्देश या लक्ष्य होगा , तो वह उसे पूर्ण करने का प्रयास करेगा , व उसके बाद देखेगा कि उद्देश पूर्ण हुआ या नहीं , या कामयाबी मिली कि नहीं ! उद्देश हीन जीवन तौ, नाम मात्र का जीवन होता है , खाना , पीना , व अंत में माटी में, माटी में मिल जाना ! कई योनियों के पश्चात मानव जीवन मिलता है , इसे व्यर्थ न गंवाकर , जीवन का उद्देश तय करना, व उस उद्देश्यपूर्ति के लिए हर संभव प्रयास करना , हर जागरूक मनुष्य का कर्तव्य है !! सही दिशा में सार्थक प्रयास , निश्चित रूप से कामयाबी दिल सकते हैं !!
- नंदिता बाली
सोलन - हिमाचल प्रदेश
जीवन में सफलता अर्जित करनी है, तो उदेश्य जरुरी है, हम बिना उदेश्य से काम करते है, हमें अपने लक्ष्य की ओर अग्रसर नहीं हो पाते।उदेश्य सब से महत्वपूर्ण है, उदेश्य से कामयाबी मिलती है। यह सत्य है, विश्वास और विश्वासघात दोनों की तुलना करनी पड़ती है। हम विश्वास सहज भाव से तो कर लेते है, जब विश्वासघात होता है, तब समझ आता है। तब हमें कामयाबी से नहीं मिलने के परिप्रेक्ष्य में काफी दूर निकल जाते है, जहाँ से लौटना मुश्किल हो जाता है। इसलिए उदेश्य से कामयाबी मिलती है......।
- आचार्य डाॅ.वीरेन्द्र सिंह गहरवार "वीर"
बालाघाट - मध्यप्रदेश
मनुष्य का जीवन तभी सार्थक होता है जब उसके जीवन का स्पष्ट उद्देश्य हो। उद्देश्य ही वह दीपक है जो अनिश्चितताओं के अंधकार में भी राह दिखाता है। बिना उद्देश्य के किया गया प्रयास दिशाहीन होता है; ऊर्जा तो खर्च होती है पर परिणाम नगण्य मिलता है। इसलिए यह कहा गया है कि उद्देश्य सबसे महत्वपूर्ण है—क्योंकि वही हमारे कर्मों की दिशा, हमारी प्राथमिकताओं और हमारे अनुशासन को निर्धारित करता है।जिस व्यक्ति के पास स्पष्ट लक्ष्य होता है, उसके भीतर स्वाभाविक रूप से लगन, धैर्य और निरंतरता का विकास होता है। वह असफलताओं से विचलित नहीं होता, बल्कि उन्हें सीढ़ी बनाकर आगे बढ़ता है। लक्ष्य ही भीतर छिपी बेचैनी को स्थिर उत्साह में बदलता है। यही कारण है कि बड़ी उपलब्धियों के पीछे सदैव एक स्पष्ट और दृढ़ उद्देश्य पाया जाता है।उद्देश्य केवल सफलता का साधन नहीं; वह आत्मविश्वास, आत्मसम्मान और आत्मानुशासन को भी जन्म देता है। जब हम जानते हैं कि हमें कहाँ पहुँचना है, तब हमारी हर छोटी-बड़ी क्रिया उसी दिशा में अपना योगदान देती है। जीवन में कितनी भी बाधाएँ क्यों न आएँ, उद्देश्य का प्रकाश मनुष्य को टूटने नहीं देता।अतः निष्कर्षतः यह कहा जा सकता है कि कामयाबी कर्म से आती है, पर कर्म को सार्थक और केंद्रित बनाने की शक्ति उद्देश्य ही देता है। जिस दिन किसी व्यक्ति ने अपना उद्देश्य पहचान लिया, उसी दिन उसकी आधी जीत सुनिश्चित हो जाती है। उद्देश्यपूर्ण जीवन ही सफल, संतुलित और प्रेरणादायक जीवन होता है।
- डाॅ. छाया शर्मा
अजमेर - राजस्थान
उद्देश्य ही जीवन की सबसे सशक्त चाबी है। जब हमारा लक्ष्य स्पष्ट और निश्चित होता है, तभी सफलता अपने कदमों पर आती है। बिना उद्देश्य के प्रयास केवल दिशाहीन प्रयास बनकर रह जाते हैं, जो कभी स्थायी उपलब्धि नहीं दिला सकते। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन का उद्देश्य पहचान कर उस दिशा में निरन्तर और समर्पित प्रयास करना चाहिए। उद्देश्य से ही आत्मविश्वास, दृढ़ता और सफलता की प्राप्ति संभव है। समर्पित भाव से कहा जाए तो, उद्देश्य से जीवन की दिशा बनती है और उस दिशा में किए गए सतत प्रयास ही सफलता की सीढ़ी बनते हैं। उद्देश्य न केवल हमारे कर्मों को सार्थक बनाता है, बल्कि हमारे जीवन को एक उज्ज्वल प्रकाश प्रदान करता है जो अंधकार में भी रास्ता दिखाता है। जीवन में उद्देश्य ही प्रकाश स्तम्भ है। यह हमें विपरीत परिस्थितियों और कठिनाइयों में भी मार्गदर्शन देता है। जब हमारा उद्देश्य स्पष्ट हो, तो हर प्रयास सार्थक बन जाता है और सफलता अपने आप हमारे कदम चूमती है। उद्देश्य के बिना कर्म अधूरे हैं, और उद्देश्य के साथ किया गया छोटा प्रयास भी बड़ी उपलब्धि में बदल जाता है। उद्देश्य से न केवल आत्मविश्वास और दृढ़ता आती है, बल्कि यह हमें जीवन में संतुलन, शांति और स्थिरता भी प्रदान करता है। जब व्यक्ति अपने उद्देश्य के प्रति सच्चा और समर्पित होता है, तो कोई भी बाधा उसे रोक नहीं सकती, कोई भी कठिनाई उसे विचलित नहीं कर सकती। अन्ततः उद्देश्य ही जीवन का आधार है। यह हमें प्रेरणा देता है, हमें सही दिशा दिखाता है और हमारे छोटे से छोटे प्रयास को भी महान उपलब्धि में परिवर्तित कर देता है। उद्देश्य के मार्ग पर चलने वाले व्यक्ति के कदम कभी नहीं थकते। हर सफलता, हर प्राप्ति, और हर उपलब्धि उसी व्यक्ति के पास आती है जिसने स्पष्ट उद्देश्य के साथ अपने कर्मों को सजग, सतत और समर्पित रखा। जीवन में उद्देश्य के बिना मनुष्य खोया हुआ और असंतुलित रहता है, परन्तु उद्देश्य के साथ हर प्रयास, हर कदम और हर सपना वास्तविकता में बदल जाता है। उद्देश्य ही वह शक्ति है जो मनुष्य को अंधकार से उजाले की ओर ले जाती है, असम्भव को सम्भव बनाती है और सामान्य प्रयास को असाधारण उपलब्धि में बदल देती है। इसलिए, जीवन में उद्देश्य को पहचानना और उसे प्राप्त करने के लिए समर्पित कर्म करना ही सबसे बड़ी सफलता है।
- डॉ. इंदु भूषण बाली
ज्यौड़ियॉं (जम्मू) -जम्मू और कश्मीर
यह बिल्कुल सही है कि उद्देश्य (लक्ष्य) सबसे महत्वपूर्ण है, क्योंकि उद्देश्य ही जीवन को दिशा, प्रेरणा और अर्थ देता है, जिससे व्यक्ति मेहनत कर पाता है और अंततः कामयाबी प्राप्त करता है. उद्देश्य के बिना जीवन भटक जाता है, लेकिन एक स्पष्ट लक्ष्य होने से दृढ़ संकल्प, समर्पण और सही दिशा में प्रयास संभव होता है, जो सफलता की कुंजी है. उद्देश्य तय करता है कि आपको कहाँ जाना है और कौन सा रास्ता चुनना है, जैसे घर जाने के लिए एक पता होना जरूरी है, वैसे ही जीवन में भी. प्रेरणा और ऊर्जा: एक स्पष्ट लक्ष्य होने से आप उसे पाने के लिए प्रेरित रहते हैं और कठिन समय में भी आगे बढ़ते रहते हैं, यह आत्म-विश्वास बढ़ाता है.उद्देश्य होने पर हर काम का मतलब होता है और समय व्यर्थ नहीं होता; हर कार्य उस लक्ष्य की ओर एक कदम बन जाता है. जब आप अपने उद्देश्य को पूरा करते हैं, तो आपको केवल बाहरी सफलता ही नहीं, बल्कि आंतरिक खुशी और संतोष भी मिलता है. बड़े लक्ष्य और सफलताएँ तभी हासिल होती हैं जब जीवन में कोई स्पष्ट उद्देश्य हो; यह आपको चुनौतियों से लड़ने और सही निर्णय लेने में मदद करता है. कामयाबी के लिये उद्देश्य सबसे महत्वपूर्ण है उद्देश्य सोच समझकर तय किया जाए, उसका नियोजन और क्रियान्वयन भी अच्छी तरह हो तो कामयाबी मिलना संभव है.
- लीला तिवानी
सम्प्रति - ऑस्ट्रेलिया
किसी भी काम का उद्देश्य महत्व पूर्ण होता है. अगर उद्देश्य ही पता न हो तो कामयाबी कैसे मिलेगी. जैसे पढ़ने वाले छात्रों को उद्देश्य पता हो तो वह ज्यादा सफल हो सकता है. अगर उदेश्य साफ हो कि उसे डॉक्टर बनना है, इंजीनियर बनना है तो वह जी जान लगाकर पढ़ाई करेगा. क्योंकि उसे एक उद्देश्य मिल गया है.और वह सफल भी होता है. इसी तरह बाकी विषयों के लिए भी उद्देश्य जरूरी हो जाता है. इसलिए किसी भी विषय का उद्देश्य ही महत्वपूर्ण होता है और उससे ही कामयाबी मिलती है.
- दिनेश चन्द्र प्रसाद "दीनेश "
कलकत्ता - प. बंगाल
" मेरी दृष्टि में " उद्देश्य से ही सफलता मिलती है। इसलिए जीवन में उद्देश्य स्पष्ट होना चाहिए। ताकि जीवन को दिशा मिल जाती है। जिससे सकारात्मक जीवन में आती है। और जीवन सफल हो जाता है।
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