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Showing posts from 2026

डॉ. राजबीर आर्य को " मन की बात‌ "का जिला संयोजक नियुक्त

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रामरती स्मृति सम्मान -2026

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      बीज ही सबकुछ होता है। बीज से दुनियां का जन्म हुआ है। जिससे इतनी बड़ी दुनियां बन गई है। बीज की महिमा अपरंपार है।  देखते ही देखते विशाल रूप बन जाता है। जैसे बीज से वृक्ष बन जाता है।यही कुछ जैमिनी अकादमी की चर्चा परिचर्चा का प्रमुख विषय है। अब आयें विचारों में से कुछ विचार पेश करते हैं :-          यह प्रकृति का सरल नियम होते हुए भी गहन जीवन-दर्शन समेटे हुए है। एक छोटा सा बीज अपने भीतर विशाल वृक्ष बनने की संभावना छिपाए रहता है। उचित भूमि, जल, प्रकाश और समय मिलने पर वही बीज छाया देने वाला, फल देने वाला और जीवन को पोषित करने वाला वृक्ष बन जाता है। इसी प्रकार फूल अपनी सुगंध और सौंदर्य से आकर्षित करता है, पर उसका अंतिम उद्देश्य फल में परिवर्तित होना है, जो पोषण और निरंतरता का प्रतीक है। यह क्रम हमें सिखाता है कि हर आरंभ छोटा होता है, पर निरंतर परिश्रम, धैर्य और सही दिशा से वह महान परिणाम में बदल सकता है। मनुष्य के भीतर भी संस्कार रूपी बीज होते हैं, जो सही वातावरण में विकसित होकर चरित्र रूपी वृक्ष बनते हैं और कर्म रूपी फल के ...

केंद्र ने गरीब, महिलाओं के सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी

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मजदूर वर्ग और सुरक्षाबल आमने-सामने भिड़ें

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दूसरी बार हरियाणा प्रेस एडवायजरी कमेटी के अध्यक्ष बनें

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जिला भाजपा के मंडल पलकों व मंडल प्रभारियों की घोषणा

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जब तक समाज में भेदभाव तब तक आरक्षण जारी रहे : भागवत

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कालीप्रसन्ना सिंघा स्मृति सम्मान - 2026

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        ये तो स्पष्ट है कि भाग्य से ही कर्म बनता है। कर्म से भाग्य बनता है। ये पृथ्वी की तरह गोल - गोल घुमाता है जिससे भाग्य और कर्म कहते हैं। यही कुछ जैमिनी अकादमी की चर्चा परिचर्चा का प्रमुख विषय है। अब आयें विचारों में से कुछ विचार पेश करते हैं :-        कर्म तो हर इंसान को करना पड़ता है कान किए बिना कुछ नहीं बनता और मनुष्य को अपना जीवन जीने के लिए संघर्ष तो करना पड़ता है। हर व्यक्ति को अपने जीवन में सामंजस्य बनाना पड़ता है मनुष्य ही नहीं पशु-पक्षी भी सामंजस स्थापित करते हैं और इसी के आधार पर संपूर्ण सृष्टि चलती है। माता-पिता और बुजुर्गों की इज्जत करना हमारा दायित्व है। पर यह बहुत सोचने का विचार है। क्या हम अपने बच्चों को बुजुर्गों की इज्जत कराना सिखाते हैं इस पैसे कमाने की होड़ में? बच्चों को शिक्षा धन कमाने की ना देकर संस्कार दें। क्योंकि अरस्तु ने भी कहा है कि बच्चे की प्रथम पाठशाला उसकी मां होती है माही एक बच्चे को शिक्षा देती है बच्चा तो गीली मिट्टी होता है यदि मैं स्वार्थी ना होकर उससे सबके आदर भाव और इज्जत करना सिखाए ...