आचार्य सीताराम चतुर्वेदी स्मृति सम्मान - 2026
जब कोई व्यक्ति या समाज प्रेरित होता है, उसके भीतर अद्भुत ऊर्जा और संकल्प पैदा होता है। यही संकल्प उसे कार्य, संघर्ष, और नवाचार की ओर ले जाता है। इतिहास में दर्ज महान कार्य जैसे किसी स्वतंत्रता संग्राम का नेतृत्व, वैज्ञानिक आविष्कार, या सामाजिक सुधार — सभी प्रेरणा से आरंभ हुए।उदाहरण के लिए, महात्मा गांधी की अहिंसा और सत्याग्रह की प्रेरणा ने स्वतंत्रता संग्राम को एक नई दिशा दी। न केवल उनके कार्य ने तत्काल प्रभाव डाला, बल्कि यह कार्य स्वयं इतिहास में दर्ज हुआ।दूसरी ओर, जब हम इतिहास का अध्ययन करते हैं, हमें अनुभवों, संघर्षों और उपलब्धियों की प्रेरणा मिलती है। यह प्रेरणा हमें साहस, धैर्य और मार्गदर्शन देती है। इतिहास हमें बताता है कि कठिन परिस्थितियों में भी मानव की प्रेरणा कैसे अद्भुत उपलब्धियाँ दे सकती है। उदाहरण स्वरूप, विज्ञान के क्षेत्र में न्यूटन, एमेज़न, या स्टीफन हॉकिंग जैसे वैज्ञानिकों का इतिहास हमें बताता है कि सीमाओं के बावजूद खोज और जिज्ञासा से मानव इतिहास लिखा जा सकता है।इसका अर्थ है कि प्रेरणा और इतिहास दोनों एक-दूसरे को जन्म देते हैं।यही चक्र समाज और व्यक्तित्व की उन्नति, साहस, और नयी सोच की नींव बनाता है। प्रेरणा वह अलख है जो वर्तमान को इतिहास में बदल देती है, और इतिहास वह ज्ञान और अनुभव है जो आने वाली पीढ़ियों को नई प्रेरणा देता है।
- डाॅ. छाया शर्मा
अजमेर - राजस्थान
जब तक हमें कभी कार्यों प्ररेणा नहीं मिलती तब तक हमारे कदमताल डगमगाते हुए चलते है, और अनेकानेक प्रकार से अनुभूति मिलते रहती है, इतिहास बनता है। प्ररेणा से इतिहास रचा जाता है, इतिहास से तो प्ररेणा मिलती है। यह सच है, जीवन का वह इतिहास है, जो सब कुछ मिल जाता है। इतिहास दो प्रकार से बनता है, अच्छा और बुरा? कैसा किससे बनाना अपने ऊपर निर्भर करता है....।
- आचार्य डाॅ.वीरेन्द्र सिंह गहरवार "वीर"
बालाघाट - मध्यप्रदेश
यह सत्य है प्रेरणा से इतिहास रचा जाता है और इतिहास से ही प्रेरणा मिलती है।इतिहास मानव का भूतकाल अथवा बीता हुआ समय है जो घटनाएं या विशेष प्रसंग हमारे मन मस्तिष्खक को बहुत प्रभावित करते हु ए जिसे अपने जीवन में अपनाते हुए आत्मसुधार, आत्मज्ञान, बुद्धि बोध,आत्म उन्नति का पक्ष सुदृढ़ हो वही इतिहास से प्रेरणा है। महापुरुषों की प्रेरणादायी जीवनशैली अपनाकर हम अपने जीवन जीने का तरीका चुन सकते हैं।उन गुणों, भावों को आत्मसात कर सकते हैं।संत कवि कबीरदास जी के क्रांतिकारी विचार समाज में बदलाव लाने में कुछ हद तक सफल भी हैं। कृष्ण भगवान अनन्य भक्त मीरा निश्छल प्रेम की शिक्षा दे गई । चाणक्य की कूटनीति।रानी लक्ष्मीबाई देश प्रेम, वीरता और विपरीत परिस्थितियों में हार न मानने का साहस हमें प्रेरणादायी पाठ पढ़ा गया।बाबा भीमराव अम्बेडकर जी के प्रयासों से समाज के कमजोर वर्ग को मुख्य धारा में लाने का श्रेय जाता है। सरदार वल्लभ भाई पटेल जी की राष्ट्र के लिए एकता और अखंडता भाव अति अनुकरणीय।स्वामी विवेकानंद जी के विचार युवा वर्ग में नव शक्ति नवचेतना भरने का काम करते हैं।महान पुरुस्कार नोबेल विजेता मदर टेरेसा निस्वार्थ सेवा भावना को व्यक्ति में जगाती हैं।राजा राम मोहन राय जी ने समाज की अंध रुढ़िवादी परम्पराओं का बहिष्कार करके हमारे समाज और जन चेतना को नवल राह दिखाई है। मिज़ाइल मैन पूर्व राष्ट्रपति डॉ ए पी जे अब्दुल कलाम का दृढ़ संकल्प कर्म लगन देश भक्ति भावना का पाठ आने वाली पीढ़ी को सिखा गया। इन लोगों ने इतिहास रचा और आज उनका जीवन हम सभी के लिए प्रेरणा स्रोत है।
- शीला सिंह
बिलासपुर - हिमाचल प्रदेश
ये बात जग जाहिर है कि प्रेरणा से ही इतिहास रचा जाता है. और ये प्रेरणा हमें इतिहास से ही मिलती है. हमारे प्राचीन ग्रंथों में भी प्रेरणा दायक किस्से कहानियां भरी पडी है. जो हमेशा प्रेरणा देती रहती हैं.रामायण में भी प्रेरणा दायक कहानियाँ हैं. हनुमान जी प्रेरणा पा कर ही विशाल समुद्र का लांघन किए थे और इतिहास रच दिए थे. महर्षि दधीचि से त्याग करने की प्रेरणा मिलती हैं. इस तरह से बहुत सी प्रेरणादायक बातेँ हैं जिनसे ये बात सिध्द होती हैं कि प्रेरणा से इतिहास रचा जा सकता हैं और प्रेरणा इतिहास से ही मिलता है.
- दिनेश चन्द्र प्रसाद "दीनेश "
कलकत्ता - पं बंगाल
प्रेरणा वह चिंगारी है जो वर्तमान में कर्म को जन्म देती है, और वही कर्म आगे चलकर इतिहास बनता है।जबकि इतिहास अपने आप में सिर्फ घटनाओं का संग्रह नहीं, बल्कि उन लोगों की कहानियाँ हैं जिन्होंने प्रेरणा लेकर असंभव को संभव किया। इसलिए सही मायने में कहा जाए तो प्रेरणा से इतिहास रचा जाता है और इतिहास हमें नई प्रेरणा देता है दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं एक बीज है, दूसरा वृक्ष ।
- सुनीता गुप्ता
कानपुर - उत्तर प्रदेश
अगर प्रेरणा की बात करें तो प्रेरणा वो शक्ति है जो मनुष्य को कार्य करने के लिए प्रेरित करती है, तथा मनुष्य की अपनी क्षमता को पहचानने पर अतीत के अनुभवों के अधार पर साहस पूर्वक नया इतिहास रचने का बल देती है तो आईये आज इसी चर्चा को आगे बढ़ाने का प्रयास करते हैं कि प्रेरणा से इतिहास रचा जाता है और इतिहास से प्रेरणा मिलती है,मेरा मानना है कि प्रेरणा आत्म जागृति और शक्ति का संदेश देती है जिससे शासक अथवा दूरदर्शी लोग राष्ट्र का इतिहास बदलने में कामयाबी दिखाते नजर आते हैं यही नहीं कुछ लोग इतिहास में से ही महान शक्तियों की सीख लेकर भविष्य के लिए एक नया इतिहास रचते हैं कहने का भाव प्रेरणा लोगों में आत्म जागृति और शक्ति उत्पन्न करती है जिसके मुख्य कारण अतीत से प्रेरणा, दृष्टिकोण में बदलाव,कुछ करने की इच्छा और दृढ़ संकल्प इत्यादि के विचार मन में विकसित होते हैं जिससे उदेश्य के प्रति मन केंद्रित रहता है और हर पल कुछ नया करने के विचार मन में बने रहते हैं ताकि हम कुछ नया करके दिखाएं, यही नहीं यह एक ऐसी अनिवार्य उर्जा है जो किसी भी लक्ष्य को प्राप्त करने का साहस व सकारात्मक दृष्टिकोण देती है जिससे आत्म विकास , मानसिक मजबूती तथा मुश्किलों में सामना करने की उर्जा उतपन्न होती है जिससे मनुष्य नया इतिहास रचने लगता है, इसके साथ प्रेरित रहने से व्यक्ति असफलता के बाद भी आगे बढ़ता रहता है,यह न केवल एर पेशावर सफलता है बल्कि व्यक्तिगत जीवन के लिए भी खुशहाली और निरंतर सुधार करती है, अगर इतिहास के पन्नों को खोलकर देखें तो हमें पता चलता है कि हमने समय के साथ कैसे तरक्की की और कौनसी चुनौतियों का सामना करके आगे बढ़ते गए और क्या कुछ हासिल करना है कहने का भाव इतिहास हमें अतीत की सफलताओं और असफलताओं से सीखने का अवसर देता है, आखिरकार यही कहुंगा कि प्रेरणा से इतिहास रचा जाता है, क्योंकि इतिहास से ही प्रेरणा मिलती है और प्रेरणा से जागृति आती है और जागृति से सोच बनती है,इसके अतिरिक्त सोच से ताकत बनती है ,ताकत से शक्ति और शक्ति से शासक बनता है तभी तो कहा है प्रेरणा से इतिहास रचा जा सकता है और वोही इतिहास आने वालों को प्रेरणा देकर औरआगे लेने का प्रयास करता है जिससे मनुष्य प्रगति को और बढता जाता है।
- डॉ सुदर्शन कुमार शर्मा
जम्मू - जम्मू व कश्मीर
प्रेरणा बिना जीवन अर्थहीन लगता है , व प्रेरणा से नए आयाम स्थापित किए जाते हैं , व प्रेरणा से इतिहास रचा जाता है ! प्रेरित होकर व्यक्ति , कुछ पाने के लिए , हर संभव प्रयास करता है , लीक से हटकर कुछ पाने के लिए नए उपाय खोजता है !! कभी सफलता मिलती है , व कभी नहीं !! प्रेरणा से प्रेरित हो व्यक्ति , अपनी असफलताओं से सीख लेते हुए , फिर जुट जाता है लक्ष्य प्राप्ति में!! जिनके इरादे पक्के हों और प्रयास सच्चे , वे अपने वांछित लक्ष्य को प्राप्त करते हैं व इतिहास रचते हैं ! इतिहास तब रचा जाता है , जब व्यक्ति के मन मे कुछ करने की प्रेरणा हो !! इतिहास से हमें कुछ हासिल करने की प्रेरणा मिलती है ! जब हम किसी की सफलता की कहानी , संघर्ष , प्रयास , को पढ़ते हैं इतिहास में , तो हमें भी प्रेरणा मिलती है , व कुछ ऐसा कर गुजर जाते हैं , जिस से नवीन इतिहास का निर्माण होता हैं! अतः प्रेरणा , इतिहास , सफलता , ये सब एक दूसरे के पूरक हैं , व एक दूसरे पर निर्भर करतें हैं !!
- नंदिता बाली
सोलन - हिमाचल प्रदेश
अनुभव और प्रेरणा ऐसे दो महत्वपूर्ण माध्यम हैं जो हमें न केवल सफलता की ओर अग्रसर करते हैं बल्कि अद्वितीय कार्य कर दिखाने की सामर्थ्य और अवसर देते हैं। बस, हमें ही समर्पित भाव से अनुशरण करने की आवश्यकता होती है। वह भी निष्ठा और लगन के साथ। ये मंजिल इतनी सहज,सरल और सरस नहीं होती। इसमें श्रम,संघर्ष और साहस रखना होता है। निराशा और हताशा से बचते हुए आत्मविश्वास से आगे बढ़ना होता है। यह बात दृढ़तापूर्वक मन में बिठाने की होती है कि उद्देश्य की सफलता और मंजिल की प्राप्ति एक दिन में नहीं, परंतु एक दिन अवश्य मिलती है। अत: प्रेरणा को आदर्श बनाकर कर्म पथ पर चलते रहना चाहिए। सार यही कि प्रेरणा से इतिहास रचा जाता है और इतिहास से प्रेरणा मिलती है। यह अटल सत्य है। इतिहास इसका साक्षी है।
- नरेन्द्र श्रीवास्तव
गाडरवारा - मध्यप्रदेश
यह सच है प्रेरणा से इतिहास रचा जाता है। मनुष्य की शक्तियां , व्यवहार उद्देश्य के निर्धारण एवं उसे विशेष रूप से गत्यात्मक बनाने एवं विकसित करने में प्रेरणा की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। पारिवारिक, सामाजिक, राजनीतिक सभी स्थितियों में खेल, विज्ञान , साहित्य , आध्यात्म के क्षेत्रों में भी प्रेरणा मनुष्य को उपलब्धियों का पुरस्कार प्रदान करती है । साथ ही जो घटित हुआ है उससे सीख लेकर बेहतर बनाने में प्रेरक तत्वों की भूमिका प्रभावकारी हो जाती है। इससे अतीत में रचित इतिहास के अनुभव और संघर्ष वर्तमान को नई सीख प्रदान करते हुए भावी पीढ़ी के लिए उत्तम फलदाई सिद्ध होते हैं । प्रेरणा से इतिहास और इतिहास से प्रेरणा की जागृति सदैव शक्तिशाली विजेता होकर जीवंत शुभ मार्गदर्शक होती है।
- डॉ. रेखा सक्सेना
मुरादाबाद - उत्तर प्रदेश
इसमें संशय नहीं कि गौरवशाली, प्रेरक इतिहास न केवल हमें कर्म करने के लिए प्रेरित करता है अपितु आत्मविश्वास, आशावादी व अपनी जड़ों से जोड़ता भी है। जहाँ आशा होती है वहाँ हर संभव, असंभव कार्य करने की शक्ति भी आ जाती है और एक नयी ऊर्जा, आत्मविश्वास और आत्मबल का संचार होता है। प्रेरक इतिहास न केवल गर्व से याद करना चाहिए अपितु उससे प्रेरणा लेकर उसे जीवन में उतारना भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। अर्थात कर्मठता से अपनी मंजिल की ओर अग्रसर होना चाहिए। यदि हम ऐसा करते हैं तो हम एक ऐसे कालजयी इतिहास की रचना कर सकते हैं जो आगे जाकर लाखों-करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा का स्त्रोत बन सकता है। अतः यह अक्षरश: सत्य है कि प्रेरणा से इतिहास रचा जा सकता है और इतिहास प्रेरणा का उच्चतम स्रोत होता है। आगे आने वाली पीढ़ियों को भी अपने प्रेरक, गौरवशाली इतिहास से अवगत कराना चाहिए ताकि भावी पीढ़ी सही रास्ते चले व नया इतिहास रचे वो चाहे कोई भी क्षेत्र क्यों न हो। ऐसी पीढ़ी, ऐसा देश कभी गुमराह नहीं हो सकता।
- रेनू चौहान
नई दिल्ली
प्रेरणा से इतिहास रचा जाता है। निस्संदेह इसमें कोई दो मत नहीं। किसी के प्रेरक शब्द, अनुभूति इतिहास रचने में सहायक बन जाते हैं। घायल युगल शुक पक्षियों को देखते ही आदि कवि वाल्मीकि जी का हृदय द्रवित हो गया। तत्कालीन दस्यु रत्नाकर जी के मुख से उनकी पीड़ा व्यक्त करते हुए श्लोक निकल पड़े और वाल्मीकि रामायण का सृजन हुआ। प्रेरणा से इतिहास और इतिहास से प्रेरणा दोनों एक दूसरे के पूरक है।जो मानव जीवन में विभिन्न पहलुओं को दर्शाते हुए सहायक हैं।
- गायत्री ठाकुर सक्षम
नरसिंहपुर - मध्य प्रदेश
निःसंदेह - - - सिद्धांत कहते हैं कि इतिहास सदैव भूतकाल से रचित होते हैं भूतकाल सदैव बीतते हुये काल से प्रभावित होते हैं। जरूरत इस बात की है कि हर काल का औचित्य जानें। हम सामाजिक प्राणी हैं जो हर कार्य में समाज की स्वीकृति की मंशा रखते हैं। प्रेरणा इतिहास से मिले या वर्तमान से हम सदैव शुभम् की कामना से आगे बढ़ते हैं। "सत्यम शिवम सुंदरम" हमारे ब्रीद वाक्य होते हैं। स्वाभाविक है कि वे ही हमारे मार्गदर्शक तत्व होते हैं। शिवम सत्य है कि इतिहास मार्गदर्शक होता है - - प्रेरक होता है। लेकिन सदैव सुंदरम नहीं होता। अनेक बार इतिहास की बदसूरती भयावह होती है - - जो डराती भी है। आज का जो माहौल चल रहा है--दुश्मनी की आँच रिश्तों को जला रही है - - गलत इतिहास बना रही है जो कतई श्लाघनीय नहीं है। तात्पर्य यही कि भूत भविष्य वर्तमान के साथ कदमों को साधें और इतिहास से प्रेरणा लेकर - - सीख लेकर आगे बढें आप पायेंगे कि सारा जमाना आपके साथ है - -। इतिहास गवाह है कि प्रेरणा एक हद तक ही साथ देती है - - जरूरत है कि अपने आप को जाने स्वयं को पहचानें। इतिहास गवाह हो या ना हो वर्तमान को ही सबकुछ मानें और जीवन की राहें आसान करें ।
- हेमलता मिश्र मानवी
नागपुर - महाराष्ट्र
हाँ,ये सच है मनुष्य की प्रेरणा ही रोचक इतिहास गढ़ते हैं और ऐतिहासिक वही बनता है जो प्रेरक होते हैं ,जो जोश और जुनून दोनों जगाते हैं।यह हमारा इतिहास ही है जो अतीत का दर्पण दिखाता है।कहाँ हम गलत हुए,कौन-सी गलती करने पर क्या दंड मिला,यहाँ इस इतिहास में सबका उल्लेख है। इतिहास हमें सिखलाता है कि अब वह बात दुबारा नहीं दुहरायी जाए, जिसके हो जाने भर से,कितनी मुश्किलों का सामना करना पड़ा था। अतः इतिहास हमारा प्रेरणास्रोत भी है।यह मात्र समय की गणना या मात्र कहानी का बिंदु नहीं , अपितु जीत हासिल करने का सूझाया गया मार्ग भी है।
- वर्तिका अग्रवाल 'वरदा'
वाराणसी - उत्तर प्रदेश
" मेरी दृष्टि में " प्ररेणा से कुछ भी सम्भव हो सकता है। वह अच्छा भी हो सकता है वह बुरा भी हो सकता है। अच्छी प्ररेणा सभी के लिए लाभदायक होती है। बाकि समय व भाग्य का खेल है। प्ररेणा से जीवन को बदला जा सकता है। ऐसी प्ररेणा देव तुल्य समान समझा जाता है। जीवन के विभिन्न क्षेत्र में प्ररेणा बहुत आवश्यक सिद्ध साबित होती है। यही जीवन की सच्चाई व भाग्य का स्रोत है।
आपकी प्रेरणादायक साहित्यिक साधना को नमन आदरणीय बीजेंंद्र जी 🙏🇮🇳🙏💐😊🙏
ReplyDeleteहार्दिक आभार
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