गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर ऑनलाइन कवि सम्मेलन
जय तिरंगा
भारत के गौरव तिरंगे को नमन करें सब मिलकर।
जय भारत जय तिरंगा उद्घोष करें सब मिलकर।।
आन - बान - शान हमारी लहराते तिरंगे से ही है,
पावन तिरंगे के वन्दन गीत गायें सब मिलकर।।
22 जुलाई को तिरंगे का यह स्वरूप पाया था।
आजादी का सूर्य तब भारत देख पाया था।।
लाल किले पर जब तिरंगा शान से लहराया था,
भारत का जन - जन तब तिरंगे संग हर्षाया था।।
पावन तिरंगे की गरिमा सदा बढ़ायें सब मिलकर।
भारत के गौरव तिरंगे को नमन करें सब मिलकर।।
देश का कण - कण रंगा था तब तिरंगे के रूप में।
जन-जन गौरवान्वित था भारत के नए स्वरूप में।।
जल-थल-नभ में गूंज रही थी धुन वन्दे मातरम् की,
चांद-सूरज मुस्करा रहे थे भारत के नए प्रारूप में।।
पावन तिरंगे के मान को विकसित करें सब मिलकर।
भारत के गौरव तिरंगे को नमन करें सब मिलकर।।
विश्व भी करता है स्वागत आज भारत की शान का।
पावन तिरंगा प्रतीक है भारतीयों के स्वाभिमान का।।
स्वर्ग बनें देश हमारा अस्मिता की राह पर चलते हुए,
रखना है ध्यान हम सभी को तिरंगे के सम्मान का।।
झुकने ना देंगे तिरंगा संकल्प करें हम सब मिलकर।
भारत के गौरव तिरंगे को नमन करें सब मिलकर।।
- सतेन्द्र शर्मा 'तरंग'
देहरादून - उत्तराखंड
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ये हम सबका तिरंगा बन पाया
हम सब का तिरंगा झंडा है,
ये आन बान शान हमारी।
इसकी छाया में रहकर ही,
बन पाती है पहचान हमारी।
शहीदों ने इसको रंगा खून से,
किसानों ने रंगा हरियाली से।
सर्वत्र शांति समृद्धि और उन्नति से,
रंग श्वेत इसका हम भर पाए।
बलिदान त्याग समर्पण से,
ये हम सबका तिरंगा बन पाया।
लाल किले की प्राचीर पर यह,
जब जब शान से लहराता है।
हर भारतीय के दिलों दिमाग को,
हर्षोल्लास से भर देता है।
शहीदों को नमन तिरंगे को नमन,
जय मां भारती भारत को नमन।
- संजीव "दीपक"
धामपुर (बिजनौर) - उत्तर प्रदेश
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हमारा तिरंगा
आन,बान और शान " तिरंगा "।।
मान और सम्मान " तिरंगा "।।
गौरव,गर्व, स्वाभिमान जगाए।
ओंठों की मुस्कान " तिरंगा "।।
प्रेम, एकता,साहस,पौरुष।
धैर्य, शांति की शान " तिरंगा "।।
नेकी,निष्ठा,संयम,सौहार्द्र।
जन-जन का गुणगान " तिरंगा "।।
हिन्दु,मुस्लिम, सिख, ईसाई।
एक सूत्र पहचान " तिरंगा "।।
देशहित में तन-मन न्योछावर।
त्याग और बलिदान " तिरंगा "।।
सीमा पर सैनिक जो प्रहरी।
जज्बे पर अभिमान " तिरंगा "।।
वीर शहीदों की गाथाएं।
जय हे!जय हे!! गान " तिरंगा "।।
हम भारतवासी का तन भारत।
सबकी है ये जान " तिरंगा "।।
- नरेन्द्र श्रीवास्तव
गाडरवारा - मध्यप्रदेश
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शान तिरंगा आन तिरंगा
शान तिरंगा आन तिरंगा
है अपनी पहचान तिरंगा
लहराता नभ पर शान से
हमसब की है जान तिरंगा...
सीमा पर प्रहरी हैं जाते,
हर धड़कन में इसे बसा के,
कतरा कतरा लहू बहा दें,
पर झुके नहीं किसी हाल तिरंगा...
उनकी वर्दी उनका अभिमान
उसपर दाग न लगने पाए
अंतिम सांस तक यही जतन
शत्रु छूने भी न पाए तिरंगा...
मातृभूमि की खातिर इक दिन
जब वीरगति वह पाता है
लिपट उसी में घर आता तब
देहरी पावन कर जाय तिरंगा...
देख तिरंगे में लिपटा लाल
माँ आंसू अपने पी जाती है
तोप सलामी पाता फिर वह
है वीरों का अंतिम परिधान तिरंगा...
-रश्मि सिंह
राँची - झारखंड
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तिरंगा
आओ मिलकर तिरंगा लहरायें,
आजादी का हम सब जश्न मनायें,
गणतंत्र दिवस की करें
तैयारी खूब सजाएं आंगन बाडी,
नाच गाने से खुशियां मनायें,
आओ मिल कर तिरंगा लहरायें,
गणतंत्र दिवस का अजीब नजारा,
हमने निभाना है भाईचारा
अपने सविधान का गुणगान सुनाएं,
आओ मिलकर तिरंगा लहरायें,
७७बें गणतंत्र दिवस की है तैयारी ,
हमारे झण्डे की हा शान निराली
इसको उंची चोटी पर लहरायें
आओ सब मिलकर जश्न मनायें,
आजादी के परवानों ने मिलकर यह दिन दिखलाया,
अंग्रजों से भारत आजाद करवाया,
उन बीरों की गाथा सुनाएं ,
आओ मिलकर तिरंगा लहरायें,
हम हैं भारतीय, भारत देश हमारा है,
गणतंत्र दिवस पर जश्न मनाना हरेक भारती का नारा है,
सब देशों से बडकर सविधांन हमारा प्यारा है,
क्यों न मिलकर हम गुणगान सुनाएं ,
आओ मिलकर झंडा फहरायें,
नाचें गायें भांगडे पाएं,राष्ट्रीय गान की थुन बजायें,
बच्चे,जुवां, बूढे भी आऐं,
आओ मिलकर जश्न मनायें
गणतंत्र दिवस की खुशी मनायें।
- डॉ सुदर्शन कुमार शर्मा
जम्मू - जम्मू व कश्मीर
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हम सबका तिरंगा झंडा
हम सबका तिरंगा झंडा
लहराया आसमाँ पर
गणतंत्र दिवस आया तो
फहराया आसमाँ पर ।।
कट गई ग़ुलामी बेड़ी
मिला नया संविधान
जन-जन का आँदोलन
पहुँचा सारे जहाँ पर ।।
आज़ाद हुआ भारत
खुशहाल हुआ भारत
शौर्य संस्कृति रंग लायी
तिरंगा आसमाँ पर ।।
नव विहान का नव वितान
साहस का अविरल गान
साहस और परिश्रम
शोभित है आसमाँ पर ।।
है देश ये हिन्दुस्तान
सारे विश्व में है महान्
है ‘उदार’ इतनी उदारता
चमक रहा आसमाँ पर ।।
- डॉ० दुर्गा सिन्हा ‘ उदार ‘
फरीदाबाद - हरियाणा
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हम सबका तिरंगा झंडा
हम सबका तिरंगा झंडा
हमारी आन-बान शान
हमारी पहचान तिरंगा
केसरिया,सफेद, हरा
बीच में नीला चक्र..
चौबीस तीली वाला..
हम सब इस तिरंगे में
अपने भारत का मान
हमें अपनी जान से प्यारा
सैनिक जान लुटाते हैं..
देश सुरक्षित हमें सुरक्षा
सीमा पर सैनिक शहीद
तिरंगे में लिपट अमर हो
हम सबका तिरंगा झंडा
भारत की जय-जयकार
चहुं ओर लहरायें हम सब..
विश्व गुरु भारत जय हो..
तिरंगे को झुकने ना देंगे..
जान हमारी रहे ना रहे..
हम सबका तिरंगा झंडा..
भारत का अभिमान तिरंगा..।।
- आरती तिवारी
लक्ष्मी नगर - दिल्ली
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हम सबका तिरंगा झंडा
हम सबका तिरंगा झंडा।
तीन रंग का तिरंगा झंडा।
प्राण जितने हैं दिये..
याद करता तिरंगा झंडा।।
लहराता तिरंगा झंडा।
अपना स्वाभिमान तिरंगा झंडा।
वतन के लिए जो है जिया..
जय करता तिरंगा झंडा।।
नहीं झुकने दो तिरंगा झंडा।
मान हमारा तिरंगा झंडा।
दो सलामी सदा हृदय से..
पहचान हमारी तिरंगा झंडा।।
सफेद रंग है शांति का प्रतीक।
हरा समृद्धता दिखलाए।
केसरिया में त्याग छिपा है।
नीले चक्र में प्रगति दिखलाए तिरंगा झंडा।।
- वर्तिका अग्रवाल 'वरदा'
वाराणसी - उत्तर प्रदेश
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हर हाल में ऊँचा फहराएँ
हम सब का तिरंगा झंडा,
शान हमारी, पहचान हमारी।
केसरिया साहस सिखलाए,
सफेद कहे—शांति हो हमारी।
हरा रंग आशा का दर्पण,
मेहनत का देता संदेश।
बीचों-बीच अशोक चक्र,
चलते रहने का उपदेश।
न जाति पूछे, न भाषा,
न धर्म का कोई भेद।
एक सूत्र में बाँध गया,
भारत माँ का यह स्नेह-संकेत।
सीमा पर प्रहरी बन लहराए,
विद्यालय में गर्व जगाए।
बलिदानों की कथा सुनाकर,
हर दिल में देश बसाए।
आओ मिलकर कसम ये खाएँ,
मान न झुके, शीश न झुकाएँ।
हम सब का तिरंगा झंडा,
हर हाल में ऊँचा फहराएँ।
- डॉ अमित कुमार बिजनौरी
बिजनौर - उत्तर प्रदेश
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लहराता झंडा
लाल क़िला शान बढ़ाता
देश का प्यारा तिरंगा झंडा
तीन रंगों का मिलन भरता
कहता रहता है मन चंगा।
केसरिया ताक़त देता सेना में
हरा हरियाली की पहचान मन में
कृषि की ख़ुशहाली धरा सौन्दर्य
देश की शान्ति बनी श्वेत रंग में ।
मध्य में चक्र कहता चलो
निरंतर देशवासियों झंडे की शान
कभी न झुकने दें हम प्रमाण बने
ग़ुलामी से निकल दे सलामी ।
आज़ादी का झंडा देश में पैग़ाम दे
घर के सभी सदस्य चले झंडा ले
झंडे से मिलता अपना परिधान ले
डटकर क़दम बढ़ा धरा की शान में ।
- सुधा पाण्डेय
पटना - बिहार
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तिरंगा फहरायेंगे
भारत माता का
तिरंगा प्यारा हमारी शान हैं
हमको हिन्दुस्तान से प्यार हैं
वतन पर मर मिटने वालों की ,
अपनी ज़बानी अपनी कहानी है
देश प्रेम की अमर कहानी
अमर उजाला बन गूँज रही हैं
वीर शहीदों की अमर कहानी से
देशभक्त प्रेमभक्त कहलाते थे
सुखदेव ,भगतसिंह ,आज़ाद
राजगुरू शिष्य बन जवान खड़े है
भारत तिरंगे की शान लिये
आसमान पर राफ़ेल की उड़ाने है
आओ मिलकर सीख सिखायें
आज़ादी की अमर कहानी
विश्वबंधुत्वता विश्वशान्ति
मानवता का पाठ सिखायें
जन जन में विश्वास जगाये
तिरंगा प्यारा हमारी शान हैं
हमको हिन्दुस्तान से प्यार हैं
वंदे मातरम् वंदे मातराम
- अनीता शरद झा
रायपुर - छत्तीसगढ़
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यह हम सब का तिरंगा झंडा
झंडा केवल रंगों की पट्टी नहीं,
यह भारत माँ की आन और शान है,
लाखों बलिदानों से सींचा इसको,
यही तो आज़ादी की पहचान है।
केसरिया रंग कहता—डरो नहीं,
भीतर साहस का दीप जलाए रखना,
सफेद रंग सत्य-पथ का पाठ पढ़ाता,
तिरंगे के आगे सिर को झुकाए रखना।
हरा रंग धीमे से बोलता मैं ही जीवन हूँ,
जो आशा की हरियाली लाता,
अशोक चक्र बीच में सिखाता हमको,
कर्म और गति का क्या है अर्थ?
तिरंगा जब लहराता है हवा में,
तो नस-नस में ज्वार उठ जाता है,
हर भारतवासी के दिल में,
देशप्रेम की अंगार सुलगाता है।
आओ 26 जनवरी 2026 में,
हम सब मिलकर व्रत लें यह,
हमारे तिरंगे की मर्यादा कभी न टूटे,
हमसे कभी न छूटे,
यह हम सब का तिरंगा झंडा,
हर युग में सदा ऊँचा ही और ऊंचा ही लहराए।।
जय हिंद जय भारत!
- नूतन गर्ग
दिल्ली
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भारत का तिरंगा झंडा
आओ हम सब मिल फहराएं
भारत का तिरंगा झंडा ।
शान है इसकी पूरे विश्व में
नदियों में जैसे हो गंगा ।।
सुख को त्यागा खून बहाया
मेरे देशभक्त बलिदानों ।
अब शान में बट्टा लग ना पाए
इसकी कीमत को पहचानो ।।
तीन रंग से, सजा तिरंगा
केसरिया है, शक्ति प्रधान ।
बीच श्वेत है ,शांति प्रदाता ,
नीचे हरा, समृद्धि प्रदान ।।
आजादी का यह प्रतीक है
हर भारतवासी का गौरव ।
इसके रंग से मिलकर रहना
फैलाना एकता का सौरभ ।।
- डॉ.रेखा सक्सेना
मुरादाबाद ,उत्तर प्रदेश
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विश्व में तिरंगा दमक रहा
खण्डित जब देश हुआ
हिन्दुस्तान दो पाट हुआ।
एक देश दो भाग हुआ
भारत देश आज़ाद हुआ ।
हिन्दुस्तान ने नवनिर्माण किया
१९४७ पंद्रह अगस्त को देश स्वतंत्र हुआ।
२६ जनवरी गणतंत्र दिवस बना
भारत का संविधान लागू हुआ ।
प्रगति का मशाल जला,
जन -जन को जागृत किया।
निरंतर आगे बढ़ रहा,
समृद्धि का संकल्प लिया।
दृढ़ निश्चय का उल्लास
है,नवनिर्माण का आस।
रगो में व्याप्त उजास,
उगता अरुण का प्रभास।
वीर जवानों की क़ुर्बानी से,
नस नस में देशभक्ति की ज्योती से।
मित्रता की मृदु वाणी से,
अदम्य साहस और संयम से।
सोने की चिड़िया चहचहा रही,
भारत माँ विश्व गुरु की ओर खड़ी।
विश्व में तिरंगा दमक रहा,
हिन्दुस्तान का भाल चमक रहा।
- सविता गुप्ता
राँची - झारखंड
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तिरंगा इसकी शान
भारत है यह देश हमारा, और तिरंगा इसकी शान।
बच्चा बच्चा आज देश का,करे जान इस पर कुर्बान।
लहर लहर लहराये जग पर,बढ़े सदा इसका सम्मान।
कभी नहीं बर्दाश्त देश को,हरगिज हो इसका अपमान।
इस झंडे की खातिर ही तो, शहीद हुए देश के लाल।
बुरी नजर अब डालना नहीं, करना कोई नहीं मजाल।
कर्म करे ऐसा हम मिलकर , बढ़े सदा इसका अभिमान ।
इस झंडे से ही हम सब की, होती है जग में पहचान ।
बुलंद सबका रहे हौसला,यूँ ही मिले जीत हर बार ।
देश हमारा कहता हमसे, कभी नहीं मानो तुम हार।
खेल-कूद पढ़ाई-लिखाई, आगे सर्वदा नौजवान ।
टक्कर देते हरदम सबको, धरातल हो या आसमान ।
तीन रंगो से सजा तिरंगा, मानो भारत की है शान।
इसे पूजते भारत वासी, इसकी खातिर देते जान।
इसकी तो है शान निराली, यह है सम्मान- स्वाभिमान ।
रहे चमकता सदा विश्व में, सबका है ये ही अरमान ।
- रंजना वर्मा उन्मुक्त
रांची - झारखंड
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मेरा तिरंगा
जिस स्वप्न को देखा जिन्होंने
पूरा करने जीवन दिया जिन्होंने
आज उन्हीं के स्वेद-कणों पर
अभिमान से मेरा तिरंगा
मुक्त गगन में फहर रहा है...!
अपनी आशा और सपनों की
थाती सौंपी अगली पीढ़ी को
आशा की वही किरण लिए
उन सपनों की आग लिए
विकास रंग का राग लिए
स्वाभिमान से मेरा तिरंगा
मुक्त गगन में लहर रहा है...!!
कुछ सपनों में रंग भर गए
कुछ देख रहे रंगों की राह
रहे न कोई भूखा घर में
सिर पर सबके छत हो
निकले दिल से कोई न आह
देश हमारा बढ़ता जाए आगे
पीछे मुड़ने को मिले न राह
देशभक्ति की आग लिए
प्रेम-विश्वास का राग लिए
आगे बढ़ता देश मेरा
किसी के रोके नहीं रुकेगा
प्राणवान बना मेरा तिरंगा
मुक्त गगन में लहर रहा है
देश की पहचान हूँ मैं
सबसे इठला कर कह रहा है
मेरा तिरंगा फहर रहा है....!!!
- डा० भारती वर्मा बौड़ाई
देहरादून - उत्तराखंड
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हर घर तिरंगा
पर्व हिन्द की आज़ादी का मिलकर सभी मनाएंगे।
हर घर,हर छत अपना तिरंगा,लहर लहर फहराएंगे।।
जय जय,भारत माता की,बोलेंगे छत चौबारों से।
गांव गांव हर नगर नगर, गूंजेगा जय जयकारों से।।
एक साथ मिलकर सब भारत गौरवगाथा गाएंगे।
पर्व हिन्द की...........
नमन करेंगे वीर शहीदों के अतुलित बलिदानों को।
स्वतंत्रता सेनानियों को, आजादी के दीवानों को।
उनके त्याग और बलिदानों को हम भूल न पाएंगे।
पर्व हिन्द का ...........
सारा देश गौरवान्वित हो,राष्ट्रगान मिल गाएगा।
सारे देश में अमर तिरंगा,लहर लहर फहराएगा।
देश प्रेम के गीत तराने,सब हिंदुस्तानी गाएंगे।
पर्व हिन्द का ......….
अपना तिरंगा,प्यारा तिरंगा,सदा गगन में लहराए।
इसके नीचे देश सदा,प्रगति पथ पर बढ़ता जाए।
कार्य करेंगे देश धर्म हित, देश का मान बढ़ाएंगे।
पर्व हिन्द का .......
- डॉ.अनिल शर्मा 'अनिल'
धामपुर - उत्तर प्रदेश
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भारत का गौरव
हवा में लहराता तिरंगा हमारा,
केसरिया उजाला, सफेद शांति का प्यारा।
हरा भरा खेतों का सपना सजाए,
नीला आकाश, जहां बादल नाचे मस्त।
रक्त का परचम, शहीदों का दान,
माटी का सम्मान, माँ भारती का मान।
हर धड़कन में बस्ता ये रंगों का राजा,
एकता का प्रतीक, प्रेम का सच्चा साजा।
स्कूलों में गूंजे, सीमाओं पर लड़े,
गलियों में झंडे, दिलों में बस जाए।
हम सबका तिरंगा, न झुके कभी कमर,
भारत माँ की गोद में, अमर रहे हमारा।
उठो जवान, उठो संतान,
इस झंडे तले जीयो, मरो हर पल सम्मान।
तिरंगा नमन, तिरंगा जय हो,
हम सबका तिरंगा, भारत का गौरव हो!
- सुनीता गुप्ता
कानपुर - उत्तर प्रदेश
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तिंरगा है गर्व हमारा
तिरंगा हमारी आन है ,
तिरंगा हमारी शान है ,
इसी तिरंगे में बसती,
भारतीयों की जान है !!
रंग बिरंगा हमारा तिरंगा
विविधता को है दर्शाता !!
विविधता में है एकता ,
सबको सहज ही बताता!!
राष्ट्रीय पर्वों पर जब यह
शान से फहराया जाता !!
हर भारतीय के दिल में,
देशभक्ति ही फैलाता !!
याद दिलाता लहराकर
इसे न समझें हम , कम !!
शहीदों की शहादत के ,
इसमें भरे हैं उनके रंग !!
तिंरगा है गर्व हमारा ,
तिरंगा ही पर्व हमारा !!
इसकी रक्षा की खातिर ,
हाजिर है लहू हमारा !!
- नंदिता बाली
सोलन - हिमाचल प्रदेश
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ध्वज अपना ये प्यारा
अडा हुआ है अटल हिमालय,
बनकर के ध्रुव तारा।
जिसके सागर चरण पखारे,
वह है भारत देश हमारा।।
आँचल में कल कल बहती है,
पावन गंगा मैया,
जमुना जल में कूद कूद जहांँ,
नहाये कृष्ण कन्हैया,
माँखन मिश्री को मचले तो,
यशुदा ने पुचकारा,
जिसके सागर चरण पखारे,
वह है भारत देश हमारा।।1।।
षड ऋतुओं का पावन संगम,
आती बारी बारी,
गूंँजा करती जिसके आंँगन,
बच्चों की किलकारी,
शस्य श्यामला पावन भूमि,
से है पालन हारा,
जिसके सागर चरण पखारे,
वह है भारत देश हमारा।।2।।
सोने-चांदी हीरे मोती,
छुपे हुए आंँचल में,
खनिजों का भंडार भरा है,
जिसके हर मरुथल में,
जीने का हर भारत वासी,
को मिल गया सहारा,
जिसके सागर चरण पखारे,
वह है भारत देश हमारा।।3।।
है पावन गणतंत्र यहांँ पर,
है स्वतंत्र हर वासी,
रहते सभी मौज मस्ती में,
दीखे नहीं उदासी,
लहर लहर लहराये तिरंगा,
ध्वज अपना ये प्यारा,
जिसके सागर चरण पखारे,
वह है भारत देश हमारा।।4।।
- पदमा तिवारी
दमोह - मध्यप्रदेश
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सदा ऊँचा रहे तिरंगा हमारा
ये तिरंगा भारत देश का,
सदा सदा ही ऊँचा रहे।
मान विश्व में मेरे देश का ,
गौरवमय बन बढ़ता रहे।
वीर जवानों का वलिदान,
हर पल याद रहेगा हमें।
बनकर प्रहरी सीमा पर,
रक्षा कवच दिया है हमें।
आँधी और तूफानों में ,
निभाते अपना फर्ज है।
ठिठुरती सर्दी भीषण गर्मी,
उतारते माँ का कर्ज है ।
सीमा पर शत्रु हो परास्त,
परिचित उसके छल से है।
राह में मुश्किल आये कोई,
हटाते अपने बल से है।
गणतंत्र का यह महोत्सव,
पावन पर्व आज है हमारा।
हर जन बोले एक ही नारा,
सदा ऊँचा रहे तिरंगा हमारा।
- शीला सिंह
बिलासपुर- हिमाचल प्रदेश
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हर-घर पर लहराएँ
सपनों का यह देश हमारा,
मातृभूमि है प्यारी।
नभ में लहरा रहा तिरंगा,
फूल खिले हर क्यारी ।।
कर्म -त्याग अरु श्रम से बनती
संविधान की गाथा ।
हमें सत्य की राह चलाती
झुक जाता है माथा ।।
जनता का शासन जनता हित
हर दिल के मन भाता ।।
गूँज रही वीरों की वाणी,
नव भारत निर्माता ।।
आया है गणतंत्र सुहाना
लेकर नव आशाएँ।
देशभक्ति सेवा का दीपक,
मिलकर सभी जलाएँ ।।
संविधान अधिकार दिलाए,
हृदय प्रेम रस घोलें ।
राष्ट्र गान पावन मिल गाए
जय- जय भारत बोलें ।।
आओ मिलकर करें प्रतिज्ञा,
हर कर्तव्य निभाएँ।
आन बान अरु शान तिरंगा,
हर-घर पर लहराएँ ।।
- डाॅ. छाया शर्मा
अजमेर - राजस्थान
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तिरंगे की शान
लहराओ रे तिरंगा प्यारा,
भारत माँ का मान हमारा।
केसरिया साहस की कहानी,
सफेद शांति का उजियारा।
हरा रंग आशा की धारा,
जय हो भारत देश हमारा!
शहीदों के सपनों से सींचा,
हर रेशा है बलिदान भरा।
मिट्टी में है अमर कहानी,
जिसने हमको आज गढ़ा।
गंगा-यमुना की लहरों सा,
पवित्र है इसका हर नजारा।
लहराओ रे तिरंगा प्यारा…
संविधान ने हमें सिखाया,
न्याय, समानता, अधिकार।
सब मिलकर देश सजाएँ,
यही है सच्चा त्योहार।
मेहनत से हम भारत चमकाएँ,
ऊँचा करें नाम हमारा।
हिमालय से सागर तक,
एकता का दीप जलाएँ।
जाति-धर्म से ऊपर उठकर,
भारत को स्वर्ग बनाएँ।
हर दिल बोले वंदे मातरम्,
गूँजे जग में जयकारा।
लहराओ रे तिरंगा प्यारा,
शान है भारत की न्यारी।
26 जनवरी का यह संदेश,
देश से बढ़कर कुछ भी ना भारी!
- डा अलका पांडेय
मुम्बई - महाराष्ट्र
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गुण गान तिंरगा है
अभिमान तिंरगा है पहचान तिरंगा हैँ
रख मान सदा इसका ये शान तिरंगा है
लिपटे हैं बग़ीचे के हर फूल के रंग इसमें
आज़ाद नज़ारों का गुण गान तिंरगा है
क़ुर्बान हुए कितने ज़ख़्मों से भरे सीने
इतिहास शहीदों का जी जान तिरंगा है
वीरों की शहादत पर हम शीश झुकाते हैं
करते हैं सुमन अर्पित सम्मान तिरंगा है
बन जाए वतन अपना अब विश्व गुरू लोगो
भारत के हर इक दिल का अरमान तिरंगा है
- राजकान्ता राज
पटना - बिहार
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घर घर फहरे झंडा तिरंगा
संविधान का दिवस है आया,
महत्व उसने अपना बताया।
हम सब एक हैं भारतवासी,
तीन रंग तिरंगा फहराया।
संविधान का---
मिलकर खुशी मनाएंगे हम,
झंडा तिरंगा फहराएंगे हम।
संविधान का गान करेंगे,
देश बखान करेंगे हम।
संविधान का---
घर घर फहरे झंडा तिरंगा,
एक भाव सब में हो रंगा।
स्वतंत्र रहे गणतंत्र हमारा,
भाव नापाक सभी हों भंगा।
संविधान का---
देश की गरिमा देश की शान,
सभी बढ़ाएं उसका मान।
सबसे बड़ा ,सुखद ,सुंदर,
भारत देश का संविधान।
संविधान का---
गूंज उठे वंदे मातरम,
देश विशाल हमारा है।
जय हिन्द और जय गणतंत्र,
यही तो अपना नारा है।
संविधान का---
संविधान का दिवस है आया,
मन मंदिर हर्षाया है।
जयकारे भारत माॅं 'सक्षम',
हर दिल यही लगाया है।
- गायत्री ठाकुर 'सक्षम'
नरसिंहपुर - मध्य प्रदेश
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वंदे मातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने एवं 77वें गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में जेमिनी अकादमी पानीपत हरियाणा के द्वारा आयोजित ऑनलाइन कवि सम्मेलन अत्यधिक सुंदर एवं सुखद रहा। आदरणीय वीजेंद्र जेमिनी जी एवं अकादमी का हार्दिक आभार। सभी देश वासियों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाइयां। भारत माता एवं संविधान के प्रति अपने भाव प्रकट करने का मुझे भी अवसर मिला। पुनः बहुत-बहुत शुक्रिया आ. जेमिनी भाई जी।
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