क्या समय सारे घाव भर सकता है ?

घाव तो घाव होता है । कुछ का तो घाव समय भर देता है । कुछ का घाव कभी भरा नहीं जा सकता है । ऐसा कुछ जैमिनी अकादमी द्वारा " आज की चर्चा " का प्रमुख विषय है । अब आये विचारों को देखते हैं : - समय ही घाव देता है, समय ही घाव भर देता है परन्तु यह भी सच्चाई है कि घाव के निशां मनुष्य के अन्तर्मन से नही मिटते। मनुष्य के जीवन में कभी अपनों से घाव मिलते हैं तो कभी अपनों के जाने से घाव मिलते हैं। किसी ने कहा है कि "तन-मन के घाव भरकर सूख तो जाते हैं, परन्तु इन घावों के निशान समय के पहिये के चक्र में अक्सर पीड़ा देते हैं। जीवन के उतार-चढ़ाव में मनुष्य को कुछ घाव ऐसे मिलते हैं जिनको समय भर देता है परन्तु कुछ घाव भरना समय की शक्ति में भी नहीं होते। प्रकृति के शास्वत सत्य "अपनों के खोने का घाव" समय कभी नहीं भर पाता। परन्तु इसमें कोई दो राय नहीं कि जिन्दगी कभी रुकती नहीं। अन्तर्मन के घावों के निशानों की टीस में भी मनुष्य को अपना जीवन सफर निरन्तर जारी रखना होता है। "बिछड़ने से किसी अपने के, जिन्दगी रुक नहीं जाती, पर दिल-ओ-दिमाग में बसी, उसकी यादें नह...