भगवान और इंसान

भगवान के  बिना इंसान नहीं है
     " मेरी दृष्टि में " भगवान एक अभिलाषा है जिससे आजतक किसी ने नहीं देखा है। भगवान के बिना इंसान तो जानवर है। अतः भगवान के बिना इंसान नहीं हो सकता है।

Comments

Popular posts from this blog

हिन्दी के प्रमुख लघुकथाकार ( ई - लघुकथा संकलन ) - सम्पादक : बीजेन्द्र जैमिनी

लघुकथा - 2025

दुनियां के सामने जन्मदिन