अच्छी बातें

" मेरी दृष्टि में " सिर्फ अच्छी बातें सुनने में अच्छी लगती हैं। वास्तविकता कुछ और होती है। जैसे :- नेताओं के भाषण । जो सिर्फ़ जनता को बेकुप बनाने के लिए होते हैं। बेरोज़गारी दूर करने का वायदा। अनेक सरकारों ने किया है। दूर तो बहुत दूर की बात है। कम भी नहीं हुई है। दिन पे दिन बढ़ती जा रही है।

Comments

Popular posts from this blog

हिन्दी के प्रमुख लघुकथाकार ( ई - लघुकथा संकलन ) - सम्पादक : बीजेन्द्र जैमिनी

लघुकथा - 2025

दुनियां के सामने जन्मदिन