डॉ. सम्पूर्णानंद स्मृति सम्मान - 2026
बडे ही आशावाद से भरी हैं ये पंक्तियाँ - - सभी के जीवन में नव संदेश का संचार कर रहीं हैं। इंसान तो कठपुतली है भूत भविष्य और वर्तमान के खेल में। यदि आशाओं का आशीष न रहे तो जीवन कैसे चले? "जीवन चलने का नाम चलते रहो सुबहो शाम" किताबें बोलती हैं - - विद्वत-जन बताते रहते हैं लेकिन कमजोर मानव ह्दय को सहारा मिलता है तो बस ऐसे ही समय का पहिया चलता रहता है कुछ अपनी कुछ जग की कहते सुनते। आशावादिता न हो तो जीवन बोझ बन जाता है जिसका भार उठाना एक सजा बन जाती है। बच्चा पृथ्वी पर जन्म लेता है - -हर अगला कदम जीवन में नये कर्म को प्रेरित करता है नई आशाओं नये आशीष के साथ। इंसानियत की बातें बेमानी हैं अगर हम दूसरों के लिये आशाओं का संदेश न लायें। हमारे भीतर की दुनिया बड़ी ही संवेदनशील होती है। इंसान भावनाओं के साथ चलने वाला जीव है - - भावनाहीन जड़ प्राणी नहीं - - भावनाओं से संचालित बुद्धि ले कर चलता है - - जिसमें कुछ भी भावना न हो वह भावना हीन निरा मृतक समान होता है। माता के गर्भ में ही अभिमन्यु ने पिता अर्जुन की बातें सुनी और उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुये चक्रव्यूह भेदा था। तात्पर्य यही कि गुजरे पलों को अलविदा कहकर आनेवाले ख़ुशनुमा आशावाद को लेकर चलना ही मानव कल्याण की दिशा में सही कदम है। सदैव आशावादी रहें और दूसरों को आशावादिता का संदेश दें।
- हेमलता मिश्र मानवी
नागपुर - महाराष्ट्र
बीता हुआ कल,आज और आने वाला कल, समय के इन तीन रूपों में पूरी जिंदगी का फलसफा निहित है। बीता कल इसलिए अच्छा लगता है कि वह बीत गया है, पूर्ण हो गया है। आज , अभी अनिश्चित है, अपूर्ण है और आने वाला कल एक अनुमान है,सपना है। इन तीनों में जो सहज है और हमारे हाथ में है, वह आज है,अभी है। संत कबीरदास जी ने कहा भी है कि " काल करे जो आज कर, आज करे वो अब। पल में पलरय होएगी, बहुरि करेगा कब।। " अत: बीते कल से अनुभव लेकर हमें आज किए जा रहे कार्य की गुणवत्ता पर पूरा ध्यान लगाना चाहिए ताकि हमारा आने वाला कल और भी अच्छा हो।
- नरेन्द्र श्रीवास्तव
गाडरवारा - मध्यप्रदेश
मेरी राय में यह पंक्ति जीवन का एक गहरा और सच्चा दर्शन कहती है। जो समय गुजर जाता है, वह इसलिए अच्छा होता है क्योंकि वह हमें अनुभव, सीख और यादें देकर आगे बढ़ जाता है। बीता हुआ समय चाहे सुख का हो या दुःख का, वह हमें परिपक्व बनाता है और जीवन को समझने की दृष्टि देता है।और आने वाला समय इसलिए और भी अच्छा होता है क्योंकि उसमें आशा होती है। भविष्य संभावनाओं से भरा होता है—नए अवसर, नई शुरुआत और खुद को बेहतर बनाने का मौका। यदि हम बीते समय से सीख लें और वर्तमान में सकारात्मक रहें, तो आने वाला समय सच में बेहतर बन सकता है।इस विचार में यह संदेश भी छिपा है कि हमें अतीत में अटके नहीं रहना चाहिए और भविष्य से डरना नहीं चाहिए। विश्वास, कर्म और उम्मीद के साथ आगे बढ़ना ही जीवन को सुंदर बनाता है।
- सुनीता गुप्ता
कानपुर - उत्तर प्रदेश
जो समय गुज़र जाए वह अच्छा होता है ! क्योंकि समय पर किए गए कार्यों की हमेशा सराहना होती है ! जीवन में नियमितता सजगता सौम्यता शिष्टता गंभीरता कर्मठता अथक आवयकता दैनिक नियम क्रम बद्धता दिनचर्या में होनी ही चाहिए तभी इंसान अपनी ही बनाई दुनिया से निः स्वार्थ प्रेम भावनाओं से जुड़ा होता है ! जब तक कोई अनिष्ट ना हो अपनी भावनाओं को नियंत्रण में रख मितव्ययी हो जीवन क्रम आगे बढ़ता है ! स्वविवेक से अपनी इंद्रियों पर नियंत्रण करता है आने वाला समय सफलता की कुंजी मान आगे बढ़ने कोशिश लगा सोचता है समय रहते जितने काम आसानी से हो कर लेना चाहिए भ्रम में जीवन नही जीना चाहिए ! समस्याओं का निराकरण ही हल है धर्यता पूर्वक जीवन में अपनाना चाहिए ! कर्म में कर्मठता सच्चाई अच्छाई होनी चाहिए !जो समय गुज़र जाए उसके लिए दुखी नही होना चाहिए! गुज़रे समय की अच्छी बातों को ले आगे बढ़ना है! क्योंकि आने वाला समय और भी अच्छा होता है! नव युग नव निर्माण के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ
- अनिता शरद झा
रायपुर - छत्तीसगढ़
जो समय गुजर जाए वह अच्छा होता है क्योंकि वह एक बुजुर्ग की तरह हमारा शुभचिंतक होता है।वह बताता है कि हमने क्या अच्छा किया और क्या बुरा किया।आगे भविष्य में सुधार होने की क्या संभावनाएं है। किस तरह हम अपने भविष्य को बेहतर बना सकते हैं। गुजरा समय हमारे अनुभव की पाठशाला होता है जिसका उपयोग करके हम सुंदर और सुखद भविष्य तैयार कर सकते हैं। आने वाला समय और भी अच्छा होता है क्योंकि विगत प्राप्त अनुभव के आधार पर हम नई योजना बनाकर नई कार्यप्रणाली के द्वारा अपने भविष्य को संवार सकते हैं। जो गलतियां हमने अतीत में की हैं।उनको अब भविष्य में न दोहराएं। दूरदर्शिता के साथ फूंक फूंक कर कदम रखें और सफलता प्राप्त करें।
- गायत्री ठाकुर सक्षम
नरसिंहपुर - मध्य प्रदेश
यह बिल्कुल सत्य है की गुजरा हुआ जमाना आता नहीं दोबारा। लेकिन गुजरा हुआ समय हमारा अतीत होता है जिसकी यादें और शिक्षाएं हमारे वर्तमान के लिए बहुत ही शिक्षाप्रद होती हैं। वह सब हमारे इतिहास का ऐसा महत्वपूर्ण आधार होती हैं जिससे हमारा वर्तमान और भविष्य उज्जवल होता है। हमारे दादा परदादा पुरखे यह सब अतीत की पहचान हैं जिनके संस्कारों और शिक्षाओं से हमने बहुत कुछ प्राप्त किया है । यह ठीक है कि आने वाला समय और अधिक अच्छा होता है क्योंकि व्यक्ति हमेशा प्रगति और भविष्य की ओर उन्मुख रहता है ।युग बदलते हैं जो कि विकास की ओर अग्रसर होते हैं। नई तकनीक विकसित होती हैं जिससे समाज राजनीति भौगोलिक सांस्कृतिक परिवेश में बहुत कुछ नया नया ज्ञान प्राप्त होता है, जो कि सुखद सुखकर भी होता है। विभिन्न आविष्कार होते हैं जो तकनीकी रूप से हमें उन्नत और विकसित बनाते हैं । आनेवाले समय में हमारा भारत और हम भारतवासी विश्वगुरु बनने के समय में प्रवेश कर चुके हैं बैसे भी कभी यानि गुजरे समय में हमारा देश सोने की चिड़िया कहा जाता था। दूध की नदियां बहती थी सब धनधान्य से परिपूर्ण थ सभी को मानसिक और शारीरिक सुकून था। आज वैज्ञानिक उन्नति है। जीवन स्तर पहले से बिल्कुल अलग है । यही गुजरे और आने वाले का फर्क है ।अतः पुराना विस्मृति नहीं किया जा सकता और आने वाले समय को बहुत-बहुत सलाम।
- डॉ . रेखा सक्सेना
मुरादाबाद - उत्तर प्रदेश
जो समय गुज़र जाए वो अच्छा ही होता है। बेशक़ उस समय में कुछ खट्टा,मीठा, कड़वा, ऊँचा, नीचा कैसा भी अनुभव हो अच्छा ही होता है। क्योंकि हर समय, हर अनुभव हमें कुछ सिखाने कुछ और मज़बूत व कर्मठ बनाने ही आता है। हमारे जीवन में अकारण कुछ नहीं होता। जैसा हुआ उससे बुरा भी हो सकता था, वो नहीं हुआ धन्यवाद। साँसें चल रही है यह ही सबसे अधिक महत्वपूर्ण है। ईश्वर का ही नहीं अपने प्रत्येक साथी , अपनी जीवन यात्रा के सभी साथी यात्रियों का भी धन्यवाद करते हुए आगे बढ़ना चाहिए। किसी ने अच्छा किया या बुरा यह सोचना, इसकी विवेचना करना हमारा काम नहीं है । हमें बुरा लग सकता है लेकिन हो सकता है उसने अपनी समझ से कुछ अच्छा ही किया होगा। जब हम इस प्रकार के शुक्रानें के साथ, सकारात्मकता के साथ जीएंगे तो आज ही नहीं कल भी अच्छा होगा।क्योंकि हमारा भविष्य हमारे वर्तमान पर निर्भर करता है। आशा ही जीवन है ।
- रेनू चौहान
नई दिल्ली
अगर समय की बात करें तो हर समय में अवसर और सुधार की संभावना होती है,अच्छे समय के लिए हमें अच्छे कर्म,अच्छे दृष्टिकोण और कड़ी मेहनत की जरूरत होती है तथा बुरे समय में सकारात्मकता और धैर्य की जरूरत होती है ताकि अच्छा ,बुरा समय निकल जाए क्योंकि समय की प्रकृति बदलती रहती है,तो आईये आज इसी चर्चा को आगे बढ़ाने का प्रयास करते हैं की जो समय गुजर जाए वह अच्छा होता है तथा आने वाला समय और भी अच्छा होता है,मेरा मानना है की जो समय के साथ चलना जानता है उसका वर्तमान और भविष्य अच्छा ही निकलता है क्योंकि समय का पहिया घूमता रहता है इसलिए,बुरे वक्त में हिम्मत नहीं हारनी चाहिए और अच्छे वक्त में घमंड नहीं करना चाहिए क्योंकि दोनों से हमें सीख मिलती है जिससे हम मजबूत और संतुलन बनाये रखने में कामयाबी हासिल कर सकें ,बुरे वक्त में भी धैर्य और हिम्मत बनाए रखें सकारात्मक रहें भगवान पर भरोसा रखें और खुद को संभालें ,बुरे वक्त से सीख लें ताकि आने वाला वक्त अच्छा गुजरे, यह याद रखें जीवन में चाहे अच्छा या बुरा समय हो आखिर बदलाव आता है क्योंकि हर परिस्थिति अस्थायी होती है और आखिरकार बदल जाती है इसलिए हमें धैर्य और उम्मीद को नहीं छोड़ना चाहिए,कहने का भाव हमें हर पल में जीना आना चाहिए अन्त में यही कहुंगा की हमें वर्तमान पर ध्यान केंद्रित करना और हर पल को पूरी तरह से अनुभव करना बीते हुए कल की चिन्ता किए बगैर और भविष्य की चिन्ताओं को छोड कर जीवन के हर सुख को महत्व देना आना चाहिए ताकि जीवन को भरपूर आनंद से जिया जा सके और हमारा हर पल आनंदमय हो और आने वाला समय ज्यादा अच्छा गुजर सके क्योंकि आने वाला कल तो जाने वाला है क्यों न हम आज के आनंद का भरपूर लुत्फ उठायें।
- डॉ सुदर्शन कुमार शर्मा
जम्मू - जम्मू व कश्मीर
जो समय गुजर जाए वह अच्छा ही होता है और आने वाला समय और भी अच्छा होगा, जो समय गुजर जाता है, वह हमें अनुभव और ज्ञान देता है। जो समय गुजर जाता है, वह हमें सुख-दुख का अनुभव देकर जीवन की वास्तविकता को समझने में मदद करता है।जो हमें भविष्य के लिए तैयार करता है। यह हमें आने वाले समय के लिए मजबूत बनाता है।जो समय गुजर जाए वह अच्छा ही होता है और आने वाला समय और भी अच्छा होगा, हमें जीवन की वास्तविकता को समझने में मदद करता है। यह हमें सिखाता है कि जीवन में सुख-दुख आते हैं, लेकिन हमें हमेशा सकारात्मक रहना चाहिए।
- रंजना हरित
बिजनौर - उत्तर प्रदेश
" मेरी दृष्टि में " समय कभी बुरा नहीं होता है। भाग्य अपने समय पर कार्य करता है। भाग्य सभी का अलग - अलग होता है। फिर कर्म और भाग्य अपनी भूमिका निभाते है। जिससे परिणाम अलग-अलग होते हैं। कर्म ही भाग्य की भूमिका लिखता है। जो समय अनुसार परिणाम देता है।
Comments
Post a Comment